Supela Fraud Case : भिलाई/सुपेला: जिला दुर्ग की सुपेला पुलिस ने निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी हार्दिक कुदेशिया ने ‘फाइनेंस अप इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी’ के नाम से संस्था बनाकर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया और लगभग 3 करोड़ 8 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
Supela Fraud Case : 6% मासिक ब्याज का झांसा देकर फंसाया
मामले का खुलासा तब हुआ जब शांति नगर निवासी भूषण लाल साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि आरोपी हार्दिक कुदेशिया ने नेहरू नगर सुपेला में अपना ऑफिस खोल रखा था। उसने प्रार्थी को हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज दिलाने का प्रलोभन दिया, जिसके झांसे में आकर प्रार्थी और उसके पिता ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 24 लाख रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में कुछ महीनों तक ब्याज मिला, लेकिन नवंबर 2025 से भुगतान बंद हो गया और आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गया।
कैसे होता था ठगी का खेल?
पुलिस विवेचना में आरोपी हार्दिक कुदेशिया ने बताया कि उसने साल 2024 में ‘फायनेंस अप इन्वेस्टर एंड कंसल्टेंसी’ नाम से ऑफिस खोला था। वह निवेशकों से इकरारनामा (Agreement) तैयार करवाता था। ठगी के इस जाल में उसने अपने साथियों को भी शामिल किया था, जिन्हें निवेश लाने पर 3 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
आरोपी निवेशकों से मिली रकम को बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी और इंडसइंड बैंक के खातों में लेता था। इसके बाद वह ‘बाइनेंस ऐप’ के जरिए भारतीय रुपयों को डॉलर में बदलकर क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेड करता था। वह निवेशकों का मूलधन अपने पास रख लेता था और केवल मुनाफे का हिस्सा बांटकर उन्हें गुमराह करता था।
76 निवेशकों से ठगे 3 करोड़ से ज्यादा
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी ने कुल 76 निवेशकों से क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर 3,08,05,000 रुपये का निवेश करवाया था। आरोपी सभी लेनदेन का हिसाब अपने लैपटॉप और मोबाइल के जरिए मैनेज करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से नोट गिनने की मशीन, एक आईफोन 16 प्रो, एक विक्टस लैपटॉप, निवेशकों के इकरारनामा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
आरोपी हार्दिक कुदेशिया (22 वर्ष), निवासी शांति नगर, थाना वैशाली नगर को पुलिस ने धारा 318(2), 318(4), 3(5) के तहत गिरफ्तार कर लिया है और उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी विजय कुमार यादव, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर और आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही।