भानुप्रतापपुर। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के प्रचार-प्रसार मंत्री नरोत्तम सिंह चौहान ने NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना पूरी तरह से अनुचित है। ऐसी राजनीति से परीक्षार्थियों का कोई भला होने वाला नहीं है।
कांग्रेस शासन में घोटालों पर साधी चुप्पी
नरोत्तम सिंह चौहान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल यह स्पष्ट करें कि उनके शासनकाल में केंद्र और राज्यों में हुए दर्जनों पेपर लीक मामलों के दौरान कितने शिक्षा मंत्रियों ने त्यागपत्र दिया था? उन्होंने कहा कि देश में पहले भी अनेक परीक्षाएं आयोजित हुई हैं और उस दौरान भी ऐसी दुखद घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन तब कांग्रेस को नैतिकता याद नहीं आई।
भूपेश सरकार का पीएससी घोटाला सबसे बड़ा धोखा
छत्तीसगढ़ के पूर्ववर्ती शासन का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 तक भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में सीजीपीएससी (CGPSC) घोटाला हुआ, जो प्रदेश के इतिहास में युवाओं के साथ किया गया सबसे बड़ा छल था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है, जबकि अपने कार्यकाल में उसने छत्तीसगढ़ के होनहार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ किया। उस वक्त उन्हें छात्रों के दर्द और आंदोलन की याद क्यों नहीं आई?
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार संकल्पित है और इस मुद्दे पर राजनीति के बजाय समाधान की दिशा में सोचना चाहिए।