छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने एसईसीएल कुसमुंडा के एक क्लर्क को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क मनोहर लाल कौशिक सीएमपीएफ विभाग में तैनात था और एक खदान कर्मी से उसके भविष्य निधि (पीएफ) का पैसा निकालने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
रिश्वत के लिए कर्मचारी को किया परेशान
जानकारी के मुताबिक, एसईसीएल के एक खदान कर्मी ने अपनी जमा पूंजी यानी पीएफ की राशि निकालने के लिए संबंधित विभाग में आवेदन किया था। वहां तैनात क्लर्क मनोहर लाल कौशिक ने काम करने के बदले कर्मी को कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगवाए। जब कर्मी परेशान हो गया, तो क्लर्क ने स्पष्ट रूप से रिश्वत की मांग रखी। खदान कर्मी ने भ्रष्टाचार के सामने झुकने के बजाय इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी।
सीबीआई ने बिछाया जाल
शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की। रविवार को भिलाई से सीबीआई की टीम दो गाड़ियों में सवार होकर कुसमुंडा पहुंची। जैसे ही खदान कर्मी ने क्लर्क मनोहर लाल कौशिक को रिश्वत की रकम थमाई, पहले से तैनात सीबीआई अधिकारियों ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
दफ्तर में हड़कंप, कर्मियों में खुशी
सीबीआई की इस अचानक छापेमारी से एसईसीएल कुसमुंडा कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान ऑफिस में सन्नाटा पसर गया। वहीं दूसरी ओर, लंबे समय से सिस्टम की सुस्ती और भ्रष्टाचार से परेशान अन्य खदान कर्मियों ने इस कार्रवाई पर खुशी जाहिर की है। फिलहाल सीबीआई आरोपी क्लर्क से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है।