बालोद: जिले में अभिभावक विद्यालय उत्सवपारा, सांकरी और अभ्युदय संस्थान मानवीय शिक्षा शोध संस्थान, अछोटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था कार्यशाला रविवार को संपन्न हुई। कार्यशाला का उद्देश्य था—“सुखी समृद्ध गांव से सुखी समृद्धि विश्व” की अवधारणा को व्यवहार में लाना।
इस आयोजन में मानवीय शिक्षा शोध संस्थान के डॉ. संकेत ठाकुर और महाराष्ट्र के सानिध्य स्थली परड़ा के योगेश शास्त्री ने मार्गदर्शन दिया।

सरपंचों को समाधान, समृद्धि और न्याय विधि पर दी गई विशेष प्रशिक्षण
अभ्युदय संस्थान अछोटी की प्रबोधक श्रीमती पूनम–बसंत साहू ने बालोद जिले के सरपंचों और पंचों को संबोधित करते हुए बताया कि—
- मानव और प्रकृति के नियमों को समझकर प्रत्येक परिवार समाधानित व समृद्ध हो सकता है।
- न्याय विधि, मानव के 7 संबंध, व्यवस्था के 5 आयाम और परिवार मूलक स्वराज्य की स्पष्ट समझ जरूरी है।
प्रबोधक श्रीमती गौरीकान्ता साहू ने कहा कि मानव की सार्थकता नियमपूर्ण कार्य और न्यायपूर्ण व्यवहार में है। उन्होंने बताया कि प्रकृति—पदार्थावस्था, प्राणावस्था और जीवावस्था—के नियमों को पहचानकर कार्य करना और संबंधों में अपेक्षाओं को पूरा करना ही ग्राम समृद्धि की आधारशिला है।

अभ्युदय संस्थान अछोटी ने जिला पंचायत के आदर्श ग्राम संकल्प को बताया ऐतिहासिक कदम
कार्यशाला के समापन पर डॉ. संकेत ठाकुर ने कहा कि जिला पंचायत बालोद ने जिले में आदर्श ग्राम विकसित करने का जो संकल्प लिया है, उसे साकार करने में—
- उत्सवपारा सांकरी
- अभ्युदय संस्थान अछोटी
- यशवंत कृषि केंद्र, हिवरे बाजार
- स्वदेस फाउंडेशन, मुंबई
साथ मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रामवासियों को जीवन विद्या शिविर के माध्यम से सही शिक्षा का अर्थ समझाते हुए स्वत्व, स्वतंत्रता और ग्राम स्वराज्य को परिवार मूलक विधि से स्थापित किया जाएगा। यह कार्यशाला इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
सरपंचों का महाराष्ट्र के आदर्श ग्रामों का अध्ययन दौरा
कार्यशाला के बाद सरपंचों को सात दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर भेजने की घोषणा की गई।
ये प्रतिनिधि महाराष्ट्र के प्रसिद्ध आदर्श ग्राम—
- हिवरे बाजार
- नासिक जिले का ड्रीम विलेज—गायधोंड
का भ्रमण कर ग्राम विकास मॉडल का अध्ययन करेंगे।
14 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
इस कार्यशाला में बालोद जिले के 14 ग्राम पंचायतों—
सांकरी, अरौद, सलौनी, भांठागांव, गुरूर, लोहारा, लाटाबोड़, डौंडी, बीरेतरा, कुरदी, झोला, परसदा, भोईनापार, देवीनवागांव—के सरपंच, उपसरपंच और पंच शामिल हुए।
इसके साथ ही अभिभावक विद्यालय उत्सवपारा के
गुरुप्रसाद मानव, लोकेश यादव, गौरीकान्ता साहू, कृष्ण मोहन पटेल, शिव कुर्रे, सुशीला–अजय साहू, रंजना तिवारी, यदुनंदन साहू, उग्रसेन देशमुख, गोपी निषाद, और विद्यालय के युवा बच्चे रंभा, ताम्रध्वज, लिखित, ल्युमिनरी, सहित अध्यापिकाएँ भी उपस्थित रहीं।