आईजी सरगुजा दीपक कुमार झा के नेतृत्व में जिला एमसीबी में आयोजित की गई रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक

*{ हिंगोरा सिंह }पूर्व में दिए गए निर्देश पुराने लंबित प्रकरणों का इकाई स्तर पर समीक्षा हेतु उपलब्ध कराए गए प्रकरणों का भी की गई गहन समीक्षा* *न्यायालय में विचारण के दौरान गम्भीर प्रकरणों में पक्षद्रोही होने की स्थिति में धारा 383 BNSS के तहत कार्यवाही किया जावे* *माह-जनवरी एवं फरवरी के सेशन कोर्ट के 156 प्रकरण एवं लोअर कोर्ट के 617 कुल 773 दोषमुक्ति प्रकरणों पर किया गया विशेष चर्चा*पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) के द्वारा जिला एमसीबी में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक ली गई।

समीक्षा के दौरान सर्वप्रथम दोषमुक्ति प्रकरणों के माह-जनवरी एवं फरवरी के सेशन कोर्ट के 156 प्रकरण एवं लोवर कोर्ट के 617 प्रकरण कुल 773 प्रकरणों का जिलेवार गहन चर्चा किया गया। विशेष रूप से उन प्रकरणों पर चर्चा कर गंभीरता से कार्यवाही करने को कहा गया जिसमें माननीय न्यायालय में अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने के कारणों/त्रुटियों के संबंध में विस्तृत अवलोकन कर चर्चा की गई। इसके अलावा गंभीर प्रकरणों में विवेचकों द्वारा विवेचना में किये जाने वाले त्रुटियों को दूर करने हेतु नवीन कानून के तहत भौतिक साक्ष्यों का फोटो ग्राफी, विडियों ग्राफी कर साक्ष्यों को सावधानी से संकलित करने हेतु निर्देशित किये।

साथ ही उन्होनें रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किये कि यदि नवीन कानून के तहत किसी प्रकरण में विवेचना के दौरान कोई परेशानी हो रही हो तो अपने जिले के अभियोजन अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उन प्रकरणों का निकाल करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त उन्होंने ने पूर्व में समीक्षा के दौरान निर्देश दिए थे कि पुराने लंबित प्रकरणों का इकाई स्तर पर प्रत्येक माह में होने वाले मंगलवार की बैठक के दौरान चर्चा कर शत प्रतिशत समीक्षा करते हुए उपलब्ध कराया जावे उन्हें भी बारीकी से अवलोकन किया गया। गम्भीर प्रकरणों में एफआईआर के बाद नवीन कानून के तहत समयावधि में अनिवार्य रूप से चालान पेश करने हेतु निर्देशित किया गया। प्रार्थी/पीड़िता जिनका न्यायालय में 183 बीएनएसएस के अंतर्गत कथन लिया गया है, वो अगर न्यायालय में ट्रायल के दौरान पक्षद्रोही होते है तो उनके विरूद्ध धारा 383 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही हेतु लोक अभियोजक के माध्यम से न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।*दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा उपरांत आईजी सरगुजा द्वारा पृथक से रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से अन्य विन्दुओं पर की गई गहन चर्चा* पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज के समस्त जिलों के कानून व्यवस्था संबधी एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों साथ साथ गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही व प्रकरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ की गई कार्यवाहीयों के संबंध में समीक्षा किए। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उन्होंने कहा कि जिलों के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा लीड करते हुए स्वयं सर्च कार्यवाही कराया जावे व एनडीपीएस की धाराओं का प्रयोग करते हुए संपत्ति कुर्की जप्ती की कार्यवाही करने तथा फाइनेंशियल एवं एंड तो एंड इन्वेस्टिगेशन कर अंतर राज्य गैंग तथा कोरियर कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही तथा बाहरी राज्यों से आ रही प्रतिबंधित दवाओं के सप्लाई चैन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने व अपराधियों के विरुद्ध पीट एनडीपीएस की कार्यवाही करने के हेतु सख्त निर्देश दिए। इसी प्रकार गौव तस्करी करने वालों के खिलाफ इन एंड टू एंड तक तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही तथा इसमें प्रयुक्त किए गए जप्त वाहनों का राजसात की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु पूर्व में संबंधित इकाई प्रमुखों को निर्देशित किए था। इसके अलावा जिलों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आपराधिक संदिग्ध व्यक्तियों व जिला बदर वालों पर पैनी नजर बनाए रखें तथा संदेहियों पर सख्त कार्यवाही करें। देर रात तक थाना क्षेत्र में चलने वाले होटल ढाबा दुकानों को समय पर बंद कराने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले तथा रोड पर स्टंट बाजी करने वाले के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही बिना हेलमेट मोटर सायकल वाहन चालक, बिना सीट बेल्ट लगाएं वाहन चालक एवं शराब सेवन कर वाहन चालकों के विरुद्ध एमव्ही एक्ट की कार्यवाही, ड्रायविंग लायसेंस निलम्बन की जानकारी का विस्तृत चर्चा करते हुए सख्त कार्यवाही करने के निर्देश। अवैध धान परिवहन/बिक्री/धान समिति द्वारा अनियमितता के संबंध में दर्ज प्रकरण जो वर्तमान में लंबित है उसकी अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। इकाईयों में पुलिस राजपत्रित अधिकारीयों द्वारा अपने अनुभाग के थाना चौकी क्षेत्रों का निरंतर मिनिटरिंग करने तथा एमएलसी रजिस्टर एवं फाईल, मर्ग, लंबित अपराध/चालान, जप्ती माल, आर्म्स रजिस्टर इत्यादि की विस्तृत समीक्षा करने तथा उसका पर्यवेक्षण रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी समय समय पर इकाई प्रमुख द्वारा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिसिंग की अच्छी पकड़ बनाने व क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाएं रखने हेतु थाना/चौकी क्षेत्रों के ग्राम कोटवारों का पृथक-पृथक तिथि निर्धारित करते हुए थाना/चौकी में नियमित रूप से उपस्थित रहने हेतु रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए। रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उमनि/वरि पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर, सरगुजा राजेश अग्रवाल, जशपुर लाल उमेद सिंह पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुरें, बलरामपुर वैभव वैकर रमनलाल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर रत्ना सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक एमसीबी सहित जिले के लोक अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहें।

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