रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में हुई कथित चोरी के मुद्दे पर जबरदस्त राजनीतिक घमासान देखने को मिला। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोकझोंक और भारी हंगामे के चलते स्पीकर डॉ. रमन सिंह को सदन की कार्यवाही कल (मंगलवार) तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन के भीतर गूंजे नारे: ‘पॉकेटमार’ बनाम ‘अयोध्या जाओ’
विपक्ष की ओर से लाए गए स्थगन प्रस्ताव के खारिज होने के बाद सदन में गतिरोध और बढ़ गया। दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने आ गए और सदन में ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजने लगे।
विपक्ष (कांग्रेस) का रुख: कांग्रेस विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘पॉकेट मारना बंद करो’ के नारे लगाए।
सत्तापक्ष (भाजपा) का पलटवार: जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने विपक्ष पर तंज कसते हुए नारे लगाए— ‘पाप धोने अयोध्या जाओ’।
“यह करोड़ों रामभक्तों के लिए काला दिन” — चरणदास महंत
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आज के दिन को छत्तीसगढ़ के इतिहास का ‘काला दिन’ करार दिया।
डॉ. चरणदास महंत ने कहा:
“राम मंदिर के नाम पर हुई लूट और चंदा चोरी पर हम सदन में चर्चा चाहते थे। छत्तीसगढ़ के हर नागरिक ने, चाहे वह ₹1 हो या लाखों, राम मंदिर के लिए अपनी श्रद्धा से चंदा दिया है। करोड़ों भक्तों की इस भावना के साथ खिलवाड़ हुआ है। हमें इस पर बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। हमारी मांग है कि इस पूरे चंदा चोरी कांड की जांच CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से कराई जाए।”
डॉ. तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले, मानसून सत्र की शुरुआत में सदन ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और प्रख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें राज्य का गौरव बताया। इसके बाद जैसे ही मुख्य मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई, राम मंदिर के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया और हंगामा शांत न होने पर स्पीकर ने सदन की बैठक को अगले दिन के लिए टाल दिया।