राज्य के लोक सेवा केन्द्र अब ‘सेवा-सेतु केन्द्र’ के रूप में होंगे संचालित

442 डिजिटल सेवाएं नागरिकों को होंगी उपलब्ध, शासन ने जारी किए आवश्यक निर्देश

कोरिया, 14 मई 2026/ प्रदेश में डिजिटल नागरिक सेवाओं के विस्तार की दिशा में राज्य शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संचालित लोक सेवा केन्द्रों का उन्नयन कर उन्हें अब ‘सेवा-सेतु केन्द्र’ के रूप में संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पूर्व में लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध 73 सेवाओं की संख्या बढ़ाकर अब 442 डिजिटल सेवाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को अधिकाधिक शासकीय सेवाएं सरल, सुगम एवं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है।

प्रदेशभर में सेवा-सेतु केन्द्रों की एक समान पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS) के माध्यम से विभिन्न कार्यवाहियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत सभी सेवा-सेतु केन्द्रों के मुख्य द्वार पर नई नाम पट्टिका लगाए जाने तथा सभी प्रदर्शित संदेशों में निर्धारित लोगो का उपयोग अनिवार्य किया गया है।

साथ ही पोर्टल, पावती (रिसीट) एवं आधिकारिक पत्राचार में अब ‘लोक सेवा केन्द्र’ के स्थान पर ‘सेवा-सेतु केन्द्र’ शब्द का प्रयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सेवा-सेतु पोर्टल संचालन हेतु अधिकृत सेवा प्रदाता को अब ‘सेवा-सेतु प्रबंधक’ कहा जाएगा।

शासन ने विस्तारित डिजिटल सेवाओं के संबंध में स्थानीय स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। जिला स्तर की वेबसाइटों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किए जाने को कहा गया है।

निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस कार्य हेतु DeGS निधि का उपयोग पूर्व में जारी निर्देशों के अधीन किया जा सकता है। सभी जिलों को 15 दिवस के भीतर की गई कार्यवाही की जानकारी एवं केन्द्रों के परिवर्तित स्वरूप के फोटोग्राफ सहित प्रतिवेदन शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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