अम्बिकापुर (हिंगोरा सिंह): प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरगुजा, श्री के. एल. चरयाणी द्वारा शुक्रवार को केंद्रीय जेल अंबिकापुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
व्यवस्थाओं का जायजा और निर्देश:
गुणवत्ता और सफाई: न्यायाधीश महोदय ने जेल प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने और परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
रचनात्मक कार्य: उन्होंने बंदियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग, शिल्पकला, पंजियां और लिफाफे का अवलोकन कर उनके कौशल की सराहना की।
स्वास्थ्य सुविधा: निरीक्षण के दौरान बंदियों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली गई।
विधिक सहायता पर विशेष जोर: प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि:
विधिक सहायता के इच्छुक बंदियों के लिए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।
किसी भी बंदी को विधिक सहायता से वंचित न रखा जाए।
अपील, पुनरीक्षण या प्रकरण की परिस्थिति के अनुसार, जेल प्रशासन सभी पात्र बंदियों को विधिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करे।
महिला बैरक का निरीक्षण: उन्होंने विशेष रूप से महिला बैरक का दौरा किया और वहां निरुद्ध महिला बंदियों एवं उनके बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के संबंध में जानकारी ली।
उपस्थिति: इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लव रघुवंशी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लीनम बनसोड़े एवं जेल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।