रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंचता दिख रहा है। सुरक्षा बलों ने माओवादी इलाकों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कई बड़े नक्सली नेताओं को मार गिराया है। वहीं सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में माओवादी सरेंडर कर रहे हैं। नक्सल उन्मूलन में मिल रही इन सफलताओं के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
कांग्रेस ने दावा किया है कि नक्सल उन्मूलन के लिए जिस रोडमैप पर आज काम हो रहा है, वह उनकी सरकार ने तैयार किया था और वर्तमान सरकार उसी का लाभ उठा रही है। इस दावे पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कड़ा पलटवार किया है।

कांग्रेस के रोडमैप वाले बयान पर निशाना साधते हुए अरुण साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक नक्सलियों के प्रति नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तथाकथित रोडमैप घोटालों और विकास अवरोध का प्रतीक रहा, जिसमें नक्सलियों को खुली छूट मिली। अब जब ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं, तो कांग्रेस श्रेय लेने की कोशिश कर रही है और सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है।
कवर्धा में धान घोटाले से जुड़े “7 करोड़ का धान चूहे खा गए” मामले पर उप मुख्यमंत्री ने जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले की जांच करेगा और किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलने पर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि केंद्र सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में इस दिशा में ठोस पहल हो रही है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल गेम्स की मेजबानी राज्य के लिए गर्व का विषय है और इससे स्थानीय खिलाड़ियों को बड़ा मंच और अवसर मिलेगा।