
राजनांदगांव (डोंगरगढ़):
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ से एक बेहद संवेदनशील और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ वार्ड क्रमांक 2 में एक व्यक्ति द्वारा पांच वर्षीय मासूम बालक के साथ यौन उत्पीड़न (अप्राकृतिक कृत्य) करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान समीर सहारे के रूप में हुई है। आरोपी ने मासूम बच्चे के साथ न केवल अनैतिक कृत्य किया, बल्कि इस दौरान उसे शारीरिक चोटें भी पहुँचाईं।
बच्चे ने साहस दिखाते हुए पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी समीर सहारे को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी समीर सहारे का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह इससे पहले आबकारी अधिनियम के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा काट चुका है। पुलिस अब इस नए मामले में उसकी संलिप्तता और पृष्ठभूमि की गहराई से जांच कर रही है।
कानूनी कार्रवाई और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012) के तहत मामला दर्ज किया है।
- क्या है पॉक्सो एक्ट? भारत में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के यौन शोषण या दुर्व्यवहार को रोकने के लिए यह कड़ा कानून बनाया गया है।
- लैंगिक अपराध की गंभीरता: किसी भी व्यक्ति की शारीरिक गरिमा और सुरक्षा के खिलाफ किया गया यौन व्यवहार अपराध की श्रेणी में आता है। बच्चों के मामले में सहमति का कोई स्थान नहीं होता और ऐसे कृत्य अत्यंत गंभीर माने जाते हैं।
निष्कर्ष और सुरक्षा संदेश
समाज में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि आपको अपने आसपास किसी भी बच्चे के साथ असामान्य व्यवहार या शोषण का संदेह होता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) पर सूचित करें।