अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और सौभाग्यशाली रहा। भव्य राम मंदिर में प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर स्वयं सूर्य देव ने भगवान का तिलक किया। इस अलौकिक दृश्य को देखकर मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु आनंदित हो उठे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस पावन क्षण के वर्चुअल माध्यम से दर्शन किए।
दोपहर ठीक 12 बजे हुआ सूर्य तिलक
रामनवमी के अवसर पर आयोजित इस जन्मोत्सव में सूर्य तिलक का विशेष महत्व रहा। हालांकि सुबह से मौसम में बदलाव देखा गया, लेकिन ठीक 11 बजकर 50 मिनट पर सूर्य देव प्रकट हुए। दोपहर 12 बजे से अगले पांच मिनट तक सूर्य की किरणों ने रामलला के ललाट पर तिलक किया। इस दृश्य के साथ ही जन्मोत्सव का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया।
भक्ति और संगीत के रंग में रंगे श्रद्धालु
मंदिर परिसर में रामलला और राम परिवार के समक्ष बधाई गान का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्त, साधु-संत और मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी नृत्य और संगीत की धुनों पर झूमते नजर आए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी अयोध्या में जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि हर कोई इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बन सके। जन्मोत्सव के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं।
विज्ञान और आस्था का अनूठा संगम
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा के अनुरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर विशेषज्ञों की टीम ने इस सूर्य तिलक को संभव बनाया। इसमें सीबीआरआई रुड़की, भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान बेंगलुरु और इसरो के वैज्ञानिकों का विशेष योगदान रहा। इससे पहले 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद आयोजित पहली रामनवमी पर भी इसी तरह सूर्य तिलक किया गया था।
प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जीवन त्याग, तप और संयम का प्रतीक है। उनके आदर्श संपूर्ण मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने कामना की कि भगवान राम की कृपा से विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प सिद्ध हो।