संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनाव सुधारों पर हो रही महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हुए। बहस के दौरान उन्होंने खादी, देश की एकता और संस्थाओं की स्वतंत्रता पर अपनी बात रखी।
राहुल गांधी ने कहा कि “देश के पहनावे में देश की झलक दिखती है। खादी देश की भावना है। हमारा देश 150 करोड़ लोगों से बना है और देश के सारे धागे एक जैसे हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “आरएसएस सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है… नाथूराम गोडसे ने गांधी को मारा, यह असहज करने वाला सत्य है… देश के अधिकांश विश्वविद्यालयों के कुलपति आरएसएस के हैं।”
राहुल के बयान पर सत्ता पक्ष ने किया जोरदार विरोध
राहुल गांधी के आरएसएस संबंधी आरोपों पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध जताना शुरू कर दिया। सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
सदन की कार्यवाही संभाल रहे स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी को नसीहत दी कि वे चर्चा के मुख्य विषय—चुनाव सुधार—पर ही बोलें और किसी संगठन का नाम लेने से बचें।
किरें रिजिजू ने जताई नाराजगी
संसदीय कार्य मंत्री किरें रिजिजू ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा:
“हम सभी नेता प्रतिपक्ष को सुनने के लिए बैठे हैं। अगर वह विषय पर नहीं बोलेंगे तो सबका समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं?”