विधानसभा में नकटी के मुद्दे पर हंगामा : तीखी बहस के बीच विपक्ष निलंबित

रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नकटी गांव में पीएम आवास को तोड़कर अवैध कब्जा हटाए जाने के विरोध में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष ने नकटी में अवैध कब्जा हटाए जाने के मुद्दे पर स्थगन लाकर चर्चा कराने की मांग की। जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों में तीखी नोंकझोंक हुई। इसके बाद विपक्ष के सभी सदस्य आसंदी के गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करने लगे हैं। जिस पर नियमानुसार विपक्ष के सदस्य स्वमेव निलंबित कर दिए हैं। और सभी विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए।,इस मुद्दे पर पूर्व मंत्री भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि नकटी गांव में भूपेश सरकार के दौरान ही विधायकों के लिए वहां विधायकों के लिए आवास बनाए जाने की अनुशंसा की गई थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है। मेरे पास कांग्रेस सरकार के दौरान राजस्व विभाग और सचिव स्तर के अधिकारी का पत्र है।
इसके पूर्व राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि नकटी गांव में एक शिकायत पर शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही की गई। इसमें न्यायालय प्रक्रिया के आधार पर कार्यवाही की गई। हटाए गए 70 परिवारों को हाउसिंग बोर्ड की ओर से उन्हें ईडब्ल्यूएस आवास दिए हैं। जहां सभी प्रकार की सुविधाएं हैं।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, यहां विधायकों के आवास के लिए जमीन पर आवास बनाने की जानकारी दी गई थी। लेकिन सवाल है कि आखिर क्यों मानसून के समय ही गरीबो के आवास तोड़े गए। इसका हल निकाला जा सकता था। उन्हें कौन वहां बसाया, जिस पर अजय चंद्राकर ने कहा कांग्रेस के काल में ही नकटी की शासकीय जमीन पर कब्जा विपक्ष के लोगों ने ही दिलाया। बड़ी अजीब बात है, जब वहां के लोग कब्जा नहीं हटाने की मांग कर रहे थे, उस समय विपक्ष क्यों नहीं आगे आया। अब विपक्ष राजनीति करने के लिए कब्जा हटाने पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।
इसी बीच पूर्व मंत्री व विधायक कवासी लखमा ने कहा, इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष बंटा हुआ है। क्योंकि जब पीड़ित लोग रायपुर के सांसद से मिले तो भाजपा का दूसरा गुट गुस्सा हो गए और उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा,,कांग्रेस ने नकटी गांव की शासकीय भूमि पर विधायकों के आवास के प्रस्ताव लाया। जमीन इनके द्वारा चिन्हांकित थी, और अवैध कब्जा भी विपक्ष के लोगों ने ही कराया। जब इसकी प्रक्रिया शुरू हुई तो अब विरोध करा रहे हैं। जबकि विधायकों के आवास के लिए विपक्ष के सभी सदस्य सीएम के पास गए थे। ऐसे में इनके दोहरे चरित्र को दिखाता है। कांग्रेस झूठ को बड़ी चालाकी से फैलाती है।

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