इंदौर। ऑनलाइन टास्क और इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुई 60 लाख की भारी ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी सफलता मिली है। टीम ने गुजरात के सूरत से ठग गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को दबोच लिया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच पहले ही हरियाणा और महाराष्ट्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक गैंग के 40 से ज्यादा बैंक खातों में जमा लाखों रुपए फ्रीज़ किए जा चुके हैं।

टेलीग्राम टास्क का झांसा देकर 60 लाख उड़ाए
डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर निवासी मोहम्मद हिदायतुल्ला ने सितंबर 2024 में NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि टेलीग्राम टास्क और इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी कर उनसे 60 लाख रुपए हड़प लिए गए।
शुरुआत में ठगों ने छोटे रिवार्ड और मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता, फिर बड़ी रकम इन्वेस्ट करवाकर पूरा पैसा गायब कर दिया।
पैसा निकालने की कोशिश के दौरान पीड़ित को ठगी का पता चला।
पहले पकड़े गए चार आरोपी
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले हरियाणा और महाराष्ट्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था—
- मंदीप (हिसार, हरियाणा)
- सिद्धेश्वर खांड भराड़ (महाराष्ट्र)
- गुरदीप बुरा (हरियाणा)
- कृष्णा कदम (महाराष्ट्र)
इन्हीं लोगों ने मिलकर पीड़ित को इन्वेस्टमेंट योजनाओं में फंसाया था।
गुजरात से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए टीम को पता चला कि गैंग के अन्य सदस्य सूरत में सक्रिय हैं।
इसके बाद दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए—
- अनुराग शुक्ला
- मनीष भट्ट
ये दोनों आरोपी अपने बैंक खाते ठगी में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते थे।
इसके बदले इन्हें ठगी की रकम में हिस्सा दिया जाता था।
पीड़ित के 60 लाख में से लगभग 10 लाख रुपए इन्हीं के खातों में ट्रांसफर हुए थे, जिसे दोनों ने तुरंत कैश निकाल लिया।

ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां हुआ—जांच जारी
क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि यह पता चल सके कि ठगी की रकम कहां खर्च की गई।
अब तक इस मामले में कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
साथ ही गैंग से जुड़े अन्य खाते, सदस्य और लिंक की तलाश जारी है।
अब तक 40 से अधिक बैंक खातों में जमा रकम फ्रीज़ की जा चुकी है।