सरगुजा में ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ और फॉरेंसिक वैन का आगाज: एक कॉल पर मिलेगी पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की मदद

अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को हाईटेक बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सूबे के पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को अंबिकापुर पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने 12 नई आधुनिक गाड़ियों को रवाना किया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक प्रबोध मिंज, महापौर मंजूषा भगत सहित पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तकनीक के जरिए सुशासन देने का काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 18 मई को दिल्ली में शुरू की गई इस राष्ट्रीय योजना को अब जिला स्तर पर जमीन पर उतार दिया गया है।

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ – एक ही नंबर से मिलेगी हर मदद

इस नई सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसकी थीम है- ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ (यानी एक ही नंबर सबके लिए)। अब जिले के लोगों को पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, दमकल, सड़क दुर्घटना, महिला सुरक्षा या किसी भी आपदा के समय अलग-अलग नंबरों पर फोन करने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ 112 डायल करते ही तुरंत मदद मौके पर पहुंचेगी।

वाहनों में लगी हैं ये आधुनिक तकनीकें: इन नई गाड़ियों में स्मार्टफोन, जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, डैश कैम और लाइव मॉनिटरिंग के लिए पीटीजेड (PTZ) कैमरे लगाए गए हैं। इसकी मदद से रायपुर में बैठा कंट्रोल रूम भी सीधे घटनास्थल को लाइव देख सकेगा।

मौके पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, 65 लाख की फॉरेंसिक वैन शामिल

अपराधों की गुत्थी जल्दी सुलझाने के लिए जिले को 65 लाख रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन भी मिली है। अब तक पुलिस को घटनास्थल से सबूत जुटाकर लैब भेजने में लंबा वक्त लगता था, जिससे कई बार सबूत खराब हो जाते थे।

अब इस वैन की मदद से मर्डर, चोरी या अन्य वारदातों के तुरंत बाद मौके पर ही फिंगरप्रिंट, नार्कोटिक्स टेस्ट, डिजिटल फॉरेंसिक और बुलेट होल की वैज्ञानिक जांच की जा सकेगी। इससे अपराधियों को पकड़ने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में आसानी होगी।

अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में मिलेगी सुविधा

लोकल रिपोर्टर के अनुसार, साल 2018 से चल रही डायल-112 सेवा पहले छत्तीसगढ़ के केवल 16 जिलों में काम कर रही थी। लेकिन इस ‘नेक्स्ट जेन’ अपग्रेड के बाद अब इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में लागू कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 24 घंटे काम करेगी और आम लोग कॉल के अलावा व्हाट्सएप, एसएमएस या ‘112 इंडिया ऐप’ के जरिए भी पुलिस से मदद मांग सकेंगे।

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