इंदौर। दुनिया भर में आज 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं की उन अनगिनत आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक उपलब्धियों के सम्मान का उत्सव है, जिन्होंने समाज की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई है। अंतरिक्ष की ऊंचाइयों से लेकर खेल के मैदान और व्यापारिक जगत तक, आज की नारी हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही है।
8 मार्च का ऐतिहासिक महत्व इस विशेष दिन की जड़ें 20वीं सदी के श्रमिक आंदोलनों से जुड़ी हैं। आधिकारिक रूप से 1977 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे मान्यता दी थी। 8 मार्च की तारीख का सीधा संबंध वर्ष 1917 से है, जब रूसी महिलाओं ने ‘रोटी और शांति’ की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की थी। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार वह दिन 8 मार्च था, जिसे आज पूरी दुनिया महिला अधिकारों के प्रतीक के रूप में मनाती है।
वर्ष 2026 की विशेष थीम और ‘गिव टू गेन’ अभियान इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “अधिकार और न्याय के साथ-साथ हर महिला और बालिका के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक कार्रवाई” पर केंद्रित है। यह थीम प्रतीकों से आगे बढ़कर धरातल पर ठोस काम करने का आह्वान करती है।
इसी के साथ, इस साल वैश्विक स्तर पर “गिव टू गेन” (Give to Gain) अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मूल मंत्र आपसी सहयोग है—जब समाज का हर वर्ग महिलाओं के सपनों और संसाधनों में अपना योगदान देता है, तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों को मिलता है। आज के दिन दुनिया भर में विभिन्न सेमिनार और कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं के कल्याण के लिए नई योजनाओं की घोषणाएं भी की जा रही हैं।