छत्तीसगढ़ में मितानिनो का प्रदर्शन पिछले 7 अगस्त से जारी है। मितानियों ने पहले 7 अगस्त से लेकर 11 अगस्त तक जिला स्तरीय प्रदर्शन किया था, उसके बाद सभी जिलों से मितानिन राजधानी रायपुर पहुंची और रायपुर के तूता धरना स्थल में उनका प्रदर्शन लगातार चल रहा हैं।

मितानिनों का कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में सरकार ने सभी मितानिनो को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संविलियन करने का वादा किया था। साथ ही वेतन में 50% वृद्धि करने की बात कही थी, लेकिन अब सरकार द्वारा अपने वादे को पूरा नहीं किया जा रहा है। अब सरकार द्वारा मितानिनो को एनएचएम अंतर्गत संविलियन की जगह दिल्ली के प्राइवेट कंपनी के ठेके के अंतर्गत काम करने को मजबूर किया जा रहा है, जिसके चलते उनका प्रदर्शन जारी है।
मितानिनो ने रायपुर के प्रेस क्लब में कांफ्रेंस कर बताया की मांग पूरी न होने की स्थिति में 4 सितंबर को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव करेंगी और इस दौरान उन्हें रोका जाता है तो वह चक्का जाम करेंगी।