विज्ञान का महाकुंभ: विक्रम साराभाई स्पेस एग्ज़िबिशन की शुरूआत…इसरो वैज्ञानिक भी रहे मौजूद

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा मंत्री, द्वारा फीता काटकर तथा माँ सरस्वती के तैल-चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर गेस्ट ऑफ ऑनर शिवरतन शर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भाजपा , डॉ. नरेंद्र डी. लोंधे ,प्रोफेसर एवं रजिस्ट्रार, एनआईटी रायपुर, श्रीकांत दुबे, विवेक कुमार मिश्रा, रवि कुमार वर्मा ,वरिष्ठ वैज्ञानिक, इसरो, स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, एम. एन. सिंह स्टेट साइंस कोऑर्डिनेटर, एन.एच. गोयल, रायपुर, कौशिक मुनि त्रिपाठी प्रधानाचार्य, आत्मानंद विद्यालय एवं जिला साइंस कोऑर्डिनेटर, बलौदा बाज़ार, अश्विनी शर्मा डायरेक्टर, डीडब्ल्यूपीएस एवं अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, भाटापारा, संदीप गोयल डायरेक्टर, डीडब्ल्यूपीएस तथा प्रधानाचार्य योगेश पोपट की गरिमामयी उपस्थिति रही।

तीन दिवसीय इस मेगा आयोजन के प्रथम दिवस ही बलौदा बाज़ार ज़िले के विविध विद्यालयों से लगभग साढ़े चार हज़ार विद्यार्थियों ने सहभागिता कर विज्ञान के इस उत्सव को जन-जन का पर्व बना दिया। इसरो के वैज्ञानिकों ने रॉकेट लाँचर, उपग्रह मॉडल तथा अन्य तकनीकी उपकरणों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा का संचार किया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए।

मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा – “आप भारत के भावी वैज्ञानिक हैं, आने वाला युग विज्ञान और तकनीक का युग है। ज्ञान और परिश्रम से ही राष्ट्र की प्रगति संभव है, अतः विज्ञान की दिशा में सतत् प्रयत्नशील रहें।”

गेस्ट ऑफ ऑनर शिवरतन शर्मा ने भावपूर्ण शब्दों में कहा – “इसरो के वैज्ञानिकों का आगमन मानो गंगाजल का प्रवाह है जो आपके ज्ञान को पवित्र कर रहा है। आप इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएँ और विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासाओं को जागृत रखें।”


डॉ. नरेंद्र डी. लोंधे ने अपने उद्बोधन में विक्रम साराभाई की वैज्ञानिक दृष्टि, इसरो की उपलब्धियों तथा युवा वैज्ञानिकों के लिए उभरते अवसरों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।

इसी क्रम में एम. एन. सिंह (स्टेट साइंस कोऑर्डिनेटर) एवं कौशिक मुनि त्रिपाठी (प्रधानाचार्य आत्मानंद विद्यालय एवं जिला साइंस कोऑर्डिनेटर) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों की वैज्ञानिक चेतना, नवाचार की भावना एवं अनुसंधान की प्रवृत्ति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस उत्कृष्ट प्रयास की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।

विद्यालय के डायरेक्टर अश्विनी शर्मा ने बच्चों से नवाचार एवं अनुसंधान की दिशा में अग्रसर होने का आह्वान किया, जबकि प्रधानाचार्य योगेश पोपट ने विज्ञान की वर्तमान उपयोगिता एवं भविष्य की अनिवार्यता पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों तथा उपस्थित जनों का सादर स्वागत किया।

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