भोपाल। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। इस निर्णय से राज्य के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को सीधा फायदा मिलेगा। अब बैंकों द्वारा लोन राशि से ब्याज काटने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, जिससे लाभार्थियों को पूरी स्वीकृत रकम मिलेगी।
अब नहीं होगी अग्रिम ब्याज कटौती
अब तक बैंक लोन जारी करते समय ब्याज की रकम पहले ही काट लेते थे, जिससे वेंडर्स को कम पैसा मिलता था। नई व्यवस्था में यह पूरी तरह बंद कर दी गई है। हितग्राही को पूरा लोन सीधे खाते में ट्रांसफर होगा।
पहले काटी गई राशि भी लौटेगी
नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में पहले ब्याज काटा गया था, वह राशि बैंकों को वापस करनी होगी। अनुमान के मुताबिक करीब 120 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में लौटाए जाएंगे।


14% तक ब्याज की सीमा तय:-
पीएम स्वनिधि योजना के तहत कुल ब्याज दर अधिकतम 14 प्रतिशत तय की गई है।
7 प्रतिशत ब्याज केंद्र सरकार वहन करेगी
शेष ब्याज की जिम्मेदारी अब मध्य प्रदेश सरकार निभाएगी
इससे वेंडर्स पर किसी तरह का ब्याज भार नहीं पड़ेगा।
व्यवहारिक रूप से शून्य ब्याज पर लोन
नई व्यवस्था के बाद वेंडर्स को मिलने वाला लोन लगभग ब्याज मुक्त हो गया है। बैंक अब किसी भी प्रकार की अग्रिम कटौती नहीं कर सकेंगे। ब्याज की राशि सरकार सीधे बैंकों को देगी।
स्वनिधि 2.0 में सुधार क्यों जरूरी था
ब्याज कटौती से नाराज होकर कई वेंडर्स योजना से दूरी बना रहे थे। लगातार शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने स्वनिधि 2.0 में बदलाव किए। मकसद योजना पर भरोसा बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा वेंडर्स को जोड़ना है।

पीएम स्वनिधि में MP देश में अग्रणी:-
– मध्य प्रदेश इस योजना में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।
– सितंबर 2025 तक 13.46 लाख वेंडर्स योजना से जुड़े
– कुल 2078 करोड़ रुपये का लोन वितरित
– अब तक 30 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी दी गई
योजना के तहत तीन चरणों में लोन दिया जाता है:-
– पहला चरण: ₹10,000
– दूसरा चरण: ₹20,000
– तीसरा चरण: ₹50,000 तक
समय पर भुगतान का मिलता है इनाम
जो वेंडर्स समय पर लोन चुकाते हैं, उन्हें अगली किस्त में प्राथमिकता दी जाती है। तीन महीने में भुगतान करने पर क्रेडिट स्कोर मजबूत होता है और बड़ा लोन मिलने का रास्ता खुलता है।
बिना गारंटी, बिना संपत्ति
इस योजना में किसी भी तरह की गारंटी या संपत्ति की जरूरत नहीं होती। छोटे व्यापारियों को आसान शर्तों पर सीधा वित्तीय सहारा मिलता है, खासकर कोविड से प्रभावित वर्ग को।
डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त बोनस:-
– सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है।
– UPI और QR कोड से लेनदेन पर
– सालाना ₹1200 तक कैशबैक
– राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर
सरकार का स्पष्ट निर्देश:-
सरकार ने बैंकों को साफ संदेश दिया है अब किसी भी हाल में लोन से कटौती नहीं होगी। हर पात्र लाभार्थी को पूरी स्वीकृत राशि मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। योजना को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा रहा है।