:रामनारायण गौतम:
सक्ती l नगर में गौतम परिवार द्वारा आयोजित पितृ मोक्ष गया श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष
डॉ चरण दास महंत भागवत कथा श्रवण करने पहुंचे.
जहां उन्होंने दूसरे दिन की कथा का दीप प्रज्वलित कर व्यासपीठ भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेश के सुख समृद्धि के लिए भगवान श्री कृष्ण से आशीर्वाद मांगा.
भागवताचार्य राजेंद् भागवताचार्य राजेंद्र महाराज ने भक्तगणों को श्रीमद् भागवत कथा
का श्रवण कराते हुए बताया भगवान हमेशा अपने भक्त के वशीभूत हो जाते हैं l

भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि भगवान का भक्ति अपने भक्ति के बल पर भगवान को सातवें आसमान से भी नीचे उतार सकता है l श्रीमद् भागवत में भगवान की कथा के साथ उनके प्रिय भक्तों की भी कथा प्रसंग विस्तार से बताया गया है l भक्त वही है जो भगवान से कभी विभक्त नहीं होता l भक्ति करके ही मुक्ति का मार्ग मिल सकता है यह उदगार व्यास पीठ से द्वितीय दिवस की कथा प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य राजेंद्र महाराज ने प्रकट किया l
द्वितीय दिवस की कथा में भगवान के अवतारों का इतिहास , भगवान की महत्ता , सृष्टि वर्णन , वराह अवतार एवं ध्रुव चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि , राजा उत्तानपाद की तरह सभी मनुष्य भी सुरुचि से ही प्रेम करते हैं , उन्हें लगता है की नीति का मार्ग बड़ा कठिन है यदि अपनी रुचि के अनुसार कार्य करूं तो उसका फल उत्तम प्राप्त होगा l किंतु नीति का मार्ग तो ध्रुव है सत्य है अटल है l

ध्रुव चरित्र में माता सुनीति ने अपने 5 वर्ष के पुत्र ध्रुव को भगवान नारायण की भक्ति अर्थात तपस्या करने के लिए प्रेरित किया , उसके हृदय में ईश्वर के प्रति आस्था का भाव जागृत किया , जिसके कारण 5 वर्ष के बालक को भगवान का दर्शन और उनकी कृपा भी प्राप्त हुई l बाल्य काल से ही भगवान की भक्ति करने पर बच्चों की बुद्धि प्रबुद्ध होती है , और युवावस्था में भक्ति करने पर जवान शुद्ध होती है , और यदि वृद्धावस्था में भगवान की भक्ति हो तो इससे बुढ़ापा सिद्ध हो जाती है l
दिती कश्यप संवाद की कथा का वर्णन आचार्य ने किया और यह कहा की यदि विकारों के कारण कम भाव उत्पन्न होता है तो यह अधर्म है जो दिती के मन में हुआ था और अपने पति कश्यप को कम भाव में प्रेषित करने के कारण ही हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप जैसा दानव उसके बेटे बने l बैकुंठ लोक के द्वारपाल जय और विजय ही सनक, सनंदन, सनातन और सनतकुमार के श्राप से तीन बार दानव योनि को प्राप्त किए थे l
भगवान धरती से पाप का भार उतारने के लिए अलग-अलग युगों और मानवंतरो मैं अवतार भी लिया करते हैं l

द्वितीय दिवस की कथा श्रवण करने छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष चरण दास जी महंत के साथ पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष , त्रिलोकचंद जायसवाल शक्ति जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज डनसेना अधिवक्ता दिगंबर चौबे ,, गिरधर जायसवाल , जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती मेनका जायसवाल ,
विजय जायसवाल , नरेश गेवाडीन घनश्याम पांडे , भुरु अग्रवाल पंडित भोला शंकर तिवारी एवं पंडित कृष्णा तिवारी , दीनदयाल गबेल, बंटी अग्रवाल , श्रीमती सीप्पी अग्रवाल श्रीमती , नीतू गोयल , अजय अग्रवाल , मांगेराम अग्रवाल , सुधीर कुमार सराफ आदि अनेक गणमान्य नागरिक सैकड़ो श्रोताओं के साथ उपस्थित थे l
श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन श्रीमती अनीता राम नारायण गौतम , श्रीमती कल्पना अशोक , श्रीमती सुनीता कमल कुमार , श्रीमती कलावती प्रकाश गौतम बीजू गौतम द्वारा प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर पुण्य का लाभ लेने के लिए सभी से निवेदन किया गया