रमेश गुप्ता भिलाई । नकली सोने को असली बताकर सस्ते दाम में बेचने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 1.242 किलोग्राम सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्य सामग्री बरामद की गई है।
पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की शिकायत पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना में सामने आया कि आरोपी लोगों को यह झांसा देते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ खजाना या हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट एवं सिक्के प्राप्त हुए हैं। इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर कम कीमत में बेचने का प्रलोभन देकर लोगों से बड़ी रकम ऐंठते थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, भौतिक साक्ष्यों एवं सतत निगरानी के आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। जांच में बरामद धातु प्रथम दृष्टया नकली पाई गई है, जिसका उपयोग लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में गाड़ाडीह निवासी दिनेश कुमार टंडन (50 वर्ष), कोरबा जिले के सीपत पिपरिया निवासी पन्नालाल कुर्रे (42 वर्ष), कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा निवासी गणेशराम गंधर्व (56 वर्ष), मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के जगतपुर निवासी रामस्वरूप रौतेल (30 वर्ष) तथा पाटन क्षेत्र के तारा भाटापारा निवासी भानुप्रताप डहरिया (40 वर्ष) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों से करीब 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, 6.38 ग्राम वजन का सोने के सिक्के जैसा नकली धातु का सिक्का, वैगनआर कार क्रमांक CG-04-HC-6220, मोबाइल फोन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी पन्नालाल कुर्रे के विरुद्ध इसी प्रकार की ठगी के अन्य मामलों की जानकारी मिली है, जबकि दिनेश कुमार टंडन के खिलाफ पूर्व में मारपीट एवं संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज पाए गए हैं।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि थाना उतई की टीम ने तकनीकी जांच, समन्वित कार्रवाई और त्वरित विवेचना के माध्यम से इस अंतरजिला ठगी गिरोह का सफलतापूर्वक आरोपियों को गिरफ्तारी किया है।