पुतला दहन के बाद कांग्रेस का अल्टीमेटम—“कार्रवाई नहीं तो सड़क पर होगा संग्राम”
कांकेर। जिले में अवैध शराब कारोबार को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेता ईश्वर कावड़े के ढाबे में अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आने के बाद न सिर्फ युवा कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है, बल्कि अब कांग्रेस संगठन ने भी खुला मोर्चा खोल दिया है। मामले ने भाजपा की नशा मुक्ति मुहिम की पोल खोलते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में भाजपा नेता का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है और कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित है।

“नशा मुक्ति का ढोंग, असल में नशे का कारोबार”
युवा कांग्रेस ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा एक तरफ नशा मुक्ति अभियान का ढोल पीटती है, वहीं दूसरी तरफ उसके नेता खुद अवैध शराब के धंधे में लिप्त पाए जा रहे हैं। यह दोहरी नीति जनता के साथ खुला धोखा है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं—कभी महिलाओं के शोषण के आरोप, तो कभी अवैध शराब बिक्री के मामले। इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होना सत्ता की मिलीभगत को दर्शाता है।

पुलिस कार्रवाई पर सवाल, “खानापूर्ति” का आरोप
मामले में एक अप्रैल को पुलिस ने भाजपा नेता ईश्वर कावड़े के ढाबे में दबिश देकर करीब पाँच हजार रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब जब्त की। लेकिन इस कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। अगर यही अपराध कोई आम व्यक्ति करता, तो अब तक कड़ी धाराओं में कार्रवाई हो चुकी होती।

जिलाध्यक्ष बसंत यादव का हमला—“कार्रवाई नहीं तो आंदोलन”
इसी बीच कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष बसंत यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस और भाजपा दोनों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस सख्त कार्रवाई करने से बच रही है और पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है।
बसंत यादव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस ने निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सत्ता संरक्षण के आरोप से गरमाई राजनीति
घटना के बाद जिले में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर “नशे के कारोबार को संरक्षण देने” का गंभीर आरोप लगाया है। पुतला दहन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश खुलकर सामने आया।
जनता में बढ़ता आक्रोश, भरोसे पर संकट
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से जनता में भी नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जब सत्ता से जुड़े लोग ही कानून तोड़ते नजर आएं और पुलिस निष्क्रिय दिखे, तो न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होना तय है।
अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी राजनीतिक दबाव में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।