मोहला । राजनांदगांव रेंज की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनोन्मुखी पुलिसिंग को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को मोहला के नव-निर्मित पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर में रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने चार जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ लंबित प्रकरणों, बेसिक पुलिसिंग, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था, साइबर अपराध नियंत्रण और तकनीक आधारित नवाचारों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण के साथ आम नागरिक को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, धर्मेंद्र सिंह और लक्ष्य शर्मा सहित रेंज के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आईजी ने निर्देश दिए कि नक्सल प्रभाव कम होने वाले क्षेत्रों में अब पुलिसिंग को और मजबूत बनाते हुए थाना स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना लागू की जाए, ताकि आम लोगों का भरोसा और अधिक मजबूत हो सके।
रेंज के नवाचारों को मिलेगा व्यापक विस्तार
समीक्षा बैठक के दौरान चारों जिलों द्वारा विकसित नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि जो मॉडल प्रभावी साबित हो रहे हैं, उन्हें पूरे राजनांदगांव रेंज में आवश्यकता के अनुसार लागू किया जाए।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पुलिस द्वारा विकसित ई-बीट सिस्टम को बैठक में विशेष सराहना मिली। आईजी ने इसे सभी जिलों में लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर, नक्सल पुनर्वास और आधारभूत पुलिस सुविधाओं के विकास को भी प्रभावी पहल बताया गया।
राजनांदगांव जिले की ओर से ‘पहल’ अभियान, युवाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग एवं रीडिंग रूम, कोटवार-पुलिस मित्र नेटवर्क, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) व्यवस्था और किशोर अपराध रोकने के लिए तैयार ‘किशोर पंजी’ जैसे मॉडल प्रस्तुत किए गए। आईजी ने इन प्रयासों को सामुदायिक पुलिसिंग का प्रभावी उदाहरण बताया।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले द्वारा डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूशन मॉनिटरिंग सेल और डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल की कार्यप्रणाली प्रस्तुत की गई, जबकि कबीरधाम पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, पुलिस बैंक, पुलिस कैंटीन और पुलिस परिवारों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
लंबित मामलों, सीएम हेल्पलाइन और CCTNS पर विशेष जोर
आईजी बालाजी राव ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित अपराधों और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सीएम हेल्पलाइन-1076 की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निपटाने, सभी विवेचकों को CCTNS का प्रशिक्षण देने, शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने तथा नक्सल पीड़ित परिवारों की समस्याओं के संवेदनशील समाधान पर विशेष बल दिया गया।
डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल बुक का विमोचन, वृक्षारोपण से दिया हरित संदेश
बैठक के दौरान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी पुलिस द्वारा तैयार ‘डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल बुक’ का विमोचन भी किया गया। आईजी ने इस पहल की सराहना करते हुए रेंज के सभी जिलों को इसी तरह की प्रोफाइल बुक तैयार करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के बाद रक्षित केंद्र, मोहला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आईजी बालाजी राव, जिला कलेक्टर तूलिका प्रजापति सहित रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान आईजी ने कहा कि पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है और इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाना चाहिए।