:विनोद कुशवाहा:
बिलासपुर: अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में करोड़ों की जेम खरीदी अनियमितताओं ने आखिरकार सरकार को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। उच्च शिक्षा संचालनालय ने इस मामले में गहन जांच के लिए एडिशनल डायरेक्टर केके तिवारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय दल को आज बिलासपुर भेजने का निर्णय लिया है। :

विश्वविद्यालय द्वारा जेम पोर्टल से की गई खरीद में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तक पहुंची थी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई।दीक्षांत समारोह के चलते यह जांच दल दो दिनों से रुका हुआ था। मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में समापन हुए समारोह के बाद आज टीम बिलासपुर रवाना की जा रही है।
सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि समारोह चाहे कितना ही बड़ा हो, लेकिन अनियमितता पर कार्रवाई में कोई देरी नहीं होगी।विश्वविद्यालय पर आरोप है कि उसने जेम पोर्टल से करोड़ों की खरीद एक ही स्वामित्व वाले कई फर्मों से कर ली। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन फर्मों की मालिकाना संरचना एक ही व्यक्ति से जुड़ी है और इन्हें जेम पर अलग-अलग पहचान देकर खरीद का फॉर्मेट तैयार किया गया।
बताया यह भी जा रहा है कि निविदा प्रक्रिया में ऐसे शर्तें जोड़ी गईं, जो केवल संबंधित सप्लायरों के पास ही उपलब्ध थीं। इस पद्धति से जेम पोर्टल की मूल भावना को ही दरकिनार कर दिया गया।