इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पहले चरण की सीधी वार्ता संपन्न, लिखित दस्तावेजों का हुआ आदान-प्रदान

इस्लामाबाद।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम और क्षेत्रीय तनाव कम करने को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय सीधी बातचीत का पहला चरण शनिवार देर रात संपन्न हो गया। इस्लामाबाद में हुई इस बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडलों के बीच लगभग 14 घंटे तक गहन चर्चा हुई। राजनयिक हलकों में इस वार्ता को तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान और तकनीकी चर्चा

ईरान सरकार ने आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की है कि वार्ता के बाद दोनों पक्षों की तकनीकी टीमों ने विशेषज्ञ दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, बैठक के दौरान बनी सहमतियों को औपचारिक रूप देने के लिए लिखित प्रपत्र साझा किए गए हैं। हालांकि कुछ जटिल मुद्दों पर अभी भी मतभेद बरकरार हैं, लेकिन दोनों पक्षों ने सकारात्मक माहौल में संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है।

प्रमुख नेतृत्व की उपस्थिति

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया, जिनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर शामिल रहे। वहीं, ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ और वरिष्ठ राजनयिक अली बगेरी कानी ने प्रतिनिधित्व किया। पाकिस्तान की मेजबानी में हो रही यह सीधी बातचीत लंबे समय बाद दोनों देशों के बीच बने गतिरोध को तोड़ने का प्रयास है।

वार्ता के मुख्य एजेंडे और मांगें

ईरान ने वार्ता की मेज पर होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई, युद्ध क्षति का मुआवजा और क्षेत्रीय युद्धविराम जैसे प्रमुख मुद्दे रखे हैं। विशेष रूप से लेबनान में जारी संघर्ष को रोकने और हिजबुल्ला से जुड़े घटनाक्रमों पर चर्चा को प्राथमिकता दी गई है। दूसरी ओर, अमेरिका का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना और एक संरचित समझौते की रूपरेखा तैयार करना है।

इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े प्रबंध

इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए पाकिस्तान सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर के मुख्य हिस्सों में आंशिक लॉकडाउन जैसी स्थिति रही और हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने किया। विशेषज्ञ इस वार्ता को ईरान के लिए आम सहमति तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।

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