केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है, और कैपिटल व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इस बजट में टैक्सपेयर्स, निवेशकों, किसानों, मिडिल क्लास और उद्योगों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने विदेश यात्रा पैकेज पर टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) दर को घटाकर 5 और 20 प्रतिशत से 2 प्रतिशत करने की घोषणा की। इसके अलावा, शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) में TCS दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा।
कस्टम्स ड्यूटी में भी राहत दी गई है। 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही, विदेशी नागरिक जो भारत में पांच साल तक रहते हैं, उनकी गैर-भारत आय पर टैक्स छूट मिलेगी।
डेटा और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए भारत में क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की गई है। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट उपलब्ध होंगे, और Form 15G/15H को डिपॉजिटरीज सीधे संबंधित कंपनियों तक पहुंचाएंगे।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिए गए ब्याज पर कोई आयकर नहीं लगेगा, और इस पर TDS भी नहीं कटेगा। नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और टैक्स रिटर्न फाइलिंग की तारीख को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए NIMHANS 2.0 की स्थापना की जाएगी, खासकर उत्तर भारत के लिए। किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया जाएगा, जिससे उनकी कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वॉचिंग ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।
आयुष क्षेत्र में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे, आयुष फार्मेसियों का उन्नयन होगा, और सरकार पांच मेडिकल टूरिज्म हब्स स्थापित करने में राज्यों का समर्थन करेगी।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कोष रखा गया है, ताकि भविष्य के चैम्पियन उद्यमियों का विकास हो सके। इसके साथ ही, देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो शहरों के बीच विकास संबंध स्थापित करेंगे।
बायोफार्मा क्षेत्र में ‘शक्ति’ योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बायोलॉजिक और बायोसिमिलर उत्पादों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें उद्योग-आधारित रिसर्च और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे।
विकास के लिए छह-स्टेप प्रक्रिया पेश की गई है:
- 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना
- पुराने उद्योगों को पुनर्जीवित करना
- चैम्पियन एमएसएमई बनाना
- इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी लाना
- दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
- शहरों के आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना
तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल को जोड़ने के लिए समर्पित रियर अर्थ कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने देश के विकास के लिए तीन कर्तव्य भी पेश किए:
- विकास
- लोगों की आकांक्षाएं
- सबका साथ, सबका विकास