Bhilai Municipal Corporation : भिलाई : रमेश गुप्ता : नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर के सभी उद्योगपतियों को ‘निर्यात कर’ (Export Tax) लगाकर नोटिस जारी किए जाने का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस नोटिस से उत्पन्न स्थिति और उद्योगपतियों की समस्याओं को लेकर आज एक प्रतिनिधिमण्डल ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय से भेंट की और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया।
Bhilai Municipal Corporation : जीएसटी प्रावधानों का दिया गया हवाला
प्रतिनिधिमण्डल से चर्चा के बाद प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने इस गंभीर विषय पर वित्त सचिव मुकेश बंसल से विस्तार से बात की। पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि जब देश में जीएसटी (GST) लागू हुआ था, तब यह विशेष प्रावधान किया गया था कि नगर निगम केवल ‘संपत्ति कर’ को छोड़कर कोई अन्य अतिरिक्त कर नहीं वसूलेगा। बाकी सभी स्थानीय करों को जीएसटी के दायरे में शामिल कर दिया गया था। ऐसे में निर्यात कर का नोटिस नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
निगम आयुक्त से सवाल-जवाब
इस मामले को लेकर पाण्डेय ने नगर निगम भिलाई के आयुक्त से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार का नीतिगत निर्णय पहले से ही स्पष्ट है कि जीएसटी के बाद कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा, तो फिर उद्योगपतियों को यह नोटिस किस आधार पर जारी किया गया है?
मामला शासन के पास लंबित
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद निगम आयुक्त ने जानकारी दी कि इस पूरे प्रकरण को ‘मार्गदर्शन’ के लिए शासन (State Government) के पास भेजा गया है। अब इस पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा कि उद्योगपतियों पर यह कर लागू होगा या नहीं।