जगदलपुर। बस्तर जिले में सरकारी राशन पाने वाले हजारों परिवारों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत हर महीने अनाज प्राप्त करने वाले 8,23,610 हितग्राहियों में से अब तक केवल 6.72 लाख लोगों ने ही ई-केवाईसी पूरा किया है। करीब 1.25 लाख हितग्राही अभी भी केवाईसी प्रक्रिया से बाहर हैं और चेतावनी स्पष्ट है—यदि तय समयसीमा तक ई-केवाईसी पूरा नहीं किया गया तो अगले महीने से राशन बंद हो जाएगा।

खाद्य विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी अनिवार्य इसलिए किया गया है ताकि फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके और वास्तविक जरूरतमंदों तक अनाज पहुंच सके। लेकिन अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों को तकनीकी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी न होने से परेशानी बढ़ रही है।
जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम राठौर के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर सभी सदस्यों का ई-केवाईसी अनिवार्य है। विभाग ने 10 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सभी राशन दुकानों में सूची चस्पा कर दी गई है और कार्डधारियों से अपील है कि वे आधार कार्ड लेकर नजदीकी दुकान में जाकर तुरंत ई-केवाईसी करवा लें।
यदि तय तिथि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो हजारों परिवारों को अगले महीने से सरकारी अनाज नहीं मिल पाएगा।