राजनांदगांव में अपराध दर घटी, पुलिस की सक्रियता से कानून-व्यवस्था मजबूत

राजनांदगांव। वर्ष 2025 में राजनांदगांव पुलिस ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सक्रियता दिखाई, जिसका सकारात्मक प्रभाव जिले के अपराध आंकड़ों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। विभिन्न थानों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में कुल 3,932 अपराध दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 3,886 रह गई। पुलिस की सतर्क निगरानी, समय पर कार्रवाई और विशेष अभियानों ने अहम भूमिका निभाई।

नशा और आबकारी मामलों में सख्त कार्रवाई
वर्ष 2025 में पुलिस ने अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। आबकारी अधिनियम के तहत 1,288 प्रकरण दर्ज कर 1,351 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 11,259 लीटर से अधिक अवैध शराब, 86 वाहन और 55,420 रुपए नकद जब्त किए गए। आबकारी मामलों में कुल जब्ती का मूल्य 1.28 करोड़ रुपए से अधिक आंका गया।

एनडीपीएस, जुआ और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 26 प्रकरणों में 45 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने 555 किलोग्राम से अधिक गांजा सहित नशीली गोलियां और टैबलेट जब्त किए, जिनकी कुल कीमत वाहन सहित लगभग 1.14 करोड़ रुपए बताई गई। जुआ अधिनियम के तहत 38 प्रकरणों में 176 आरोपियों पर कार्रवाई कर 16.56 लाख रुपए जब्त किए गए। सट्टा अधिनियम के अंतर्गत 48 प्रकरणों में 46 आरोपियों को पकड़ा गया। वहीं आर्म्स एक्ट के तहत 87 प्रकरण दर्ज कर 94 हथियार जब्त किए गए।

यातायात और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
साल 2025 में जिले में 431 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 207 लोगों की मौत हुई और 356 लोग घायल हुए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 23,837 चालान काटे गए और 1.41 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जनवरी 2025 में जिले के 119 स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में यातायात नियमों, साइबर अपराध और नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान 20,497 लोगों को जागरूक किया गया, 7,623 लोगों से शपथ पत्र भरवाए गए, 2,500 हेलमेट और 6,000 पंपलेट वितरित किए गए। यह अभियान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।

गुमशुदा लोगों की तलाश में सफलता
पुलिस ने वर्ष 2025 में 24 बालक, 78 बालिकाएं, 135 पुरुष और 153 महिलाओं सहित कुल 390 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंपा।

वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़
वर्ष 2025 में जिले में 31 बार वीवीआईपी और वीआईपी दौरे हुए। सभी अवसरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

राजनांदगांव पुलिस की सख्त निगरानी, सक्रियता, त्वरित कार्रवाई और जनसहभागिता से जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है। इससे आम जनता में सुरक्षा और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

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