कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले से फूड पॉइजनिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के पलारी गांव में रविवार को जंगली मशरूम (देशी फूटू) की सब्जी खाने से एक ही परिवार के 8 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। देर रात अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ितों में दो मासूम बच्चे, तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। सभी को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पड़ोसियों को भी बांटी थी सब्जी, वे भी पहुंचे अस्पताल जानकारी के अनुसार, पलारी गांव के देवांगन परिवार ने घर पर देशी मशरूम की सब्जी बनाई थी। परिवार के सदस्यों ने खुद तो यह सब्जी खाई ही, साथ ही पड़ोस में रहने वाले एक अन्य परिवार को भी इसे खाने के लिए दिया। भोजन करने के कुछ घंटों बाद, रात करीब 2 बजे एक-एक करके दोनों परिवारों के लोगों को तेज पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और सभी को कोण्डागांव जिला अस्पताल पहुंचाया।
5 की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती मामले की पुष्टि करते हुए जिला अस्पताल की डॉक्टर ईशा दुग्गड़ ने बताया कि मशरूम खाने की वजह से दोनों परिवारों के लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। अस्पताल पहुंचे मरीजों में से 5 लोगों की हालत ज्यादा गंभीर थी, जिन्हें तुरंत वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वहीं, 3 अन्य मरीजों को प्राथमिक उपचार और कुछ देर निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखने के बाद छुट्टी दे दी गई। फिलहाल भर्ती मरीजों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
बरसात में जहरीले मशरूम से रहें सावधान: स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों का कहना है कि मानसून के मौसम में खेतों और जंगलों में कई तरह के प्राकृतिक या जंगली मशरूम (फूटू) उग आते हैं। इनमें से कई प्रजातियां बेहद जहरीली होती हैं, जिनकी बनावट सामान्य मशरूम जैसी ही दिखती है। सही पहचान न होने के कारण लोग इन्हें खा लेते हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अनजान जंगली मशरूम खाने से बचें और यदि इसे खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचें।