झीरम घाटी हमले की जांच पर कांग्रेस में घमासान, लिफाफे से नहीं मिला कोई निर्णायक सबूत, अब आलाकमान करेगा फैसला

झीरम घाटी हमले की जांच को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस भवन में पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी द्वारा सौंपे गए लिफाफे से फिलहाल कोई ठोस या निर्णायक सबूत सामने नहीं आया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई का निर्णय कांग्रेस आलाकमान ही लेगा।

कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू ने बताया कि लिफाफे में मौजूद दस्तावेजों की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दे दी गई है। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने भी पूरे मामले को संज्ञान में लिया है। हालांकि प्रारंभिक जांच में इन दस्तावेजों से कोई नया या निर्णायक तथ्य सामने नहीं आया है।

मलकीत सिंह गेंदू के मुताबिक, विकास तिवारी द्वारा सौंपे गए कागजात और कारण बताओ नोटिस के जवाब को एक फाइल के रूप में पार्टी आलाकमान को भेज दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। अब शीर्ष नेतृत्व दस्तावेजों का अध्ययन कर अंतिम फैसला लेगा।

कांग्रेस भवन में छोड़ गए थे लिफाफा
नार्को टेस्ट की मांग और पार्टी कार्रवाई के बाद विकास तिवारी कांग्रेस भवन पहुंचे थे। उन्होंने झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि दी और दावा किया कि उनके पास इस मामले से जुड़े अहम दस्तावेज हैं। इसके बाद वे वही लिफाफा कांग्रेस कार्यालय में छोड़कर चले गए थे।

विकास तिवारी का कहना है कि वे झीरम घाटी हमले की सच्चाई सामने लाना चाहते हैं। इसी क्रम में उन्होंने एनआईए और झीरम जांच आयोग को पत्र लिखकर नार्को टेस्ट की मांग भी की थी।

नोटिस और पद से हटाने के बाद बढ़ा विवाद
नार्को टेस्ट की मांग वाला पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी अनुशासन का मामला मानते हुए विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अब दस्तावेज और जवाब मिलने के बाद पूरा मामला आलाकमान के समक्ष रखा गया है। अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा।

वहीं विकास तिवारी का कहना है कि वे अपने दावे पर कायम हैं और झीरम घाटी हमले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की कोशिश जारी रखेंगे। फिलहाल पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजर कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर टिकी हुई है।

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