मनेंद्रगढ़। जिले में गहराते जन संकट, दूषित पानी से हो रही मौतों और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आज जिला कांग्रेस कमेटी ने आर-पार की जंग छेड़ दी। शहर में एक विशाल आम सभा आयोजित करने के बाद कांग्रेस नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने सैलाब के रूप में निकलकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान जनता का आक्रोश चरम पर था और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
सरकार और प्रशासन की संवेदनशीलता खत्म: ज्योत्सना महंत
आम सभा को संबोधित करते हुए कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने सरकार और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं। दूषित पेयजल से लोग दम तोड़ रहे हैं और बिजली कटौती ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। सांसद ने आरोप लगाया कि मनरेगा को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है ताकि मजदूरों का हक छीना जा सके। कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी और जनता के हक के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगी।

कलेक्टर कार्यालय का घेराव और तीखा विरोध
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में जब कार्यकर्ताओं का हुजूम कलेक्ट्रेट पहुंचा, तो वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता पूरी तरह मर चुकी है। कलेक्टर जनता की समस्याओं पर कान बंद करके बैठे हैं। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन तो बस शुरुआत है; जब तक किसान, मजदूर और आम आदमी को न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
युवाओं और आमजन का फूटा गुस्सा
NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने युवाओं की बेरोजगारी और भर्ती घोटालों पर सरकार को घेरा, वहीं विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह ने दूषित पानी से हो रही मौतों को “सरकारी हत्या” करार दिया। शहर ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने स्पष्ट किया कि अब जनता केवल आश्वासन से नहीं मानने वाली, उसे जमीन पर समाधान चाहिए। घेराव के दौरान भारी संख्या में मौजूद महिलाओं और युवाओं ने भी प्रशासन की उदासीनता पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
इस निर्णायक संघर्ष में पूर्व विधायक विनय जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, राजकुमार केसरवानी, शहर ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष रामनरेश पटेल, चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन, खड़गवां ब्लॉक अध्यक्ष युधिष्ठिर कमरों सहित कासिम अंसारी, दिव्यम पाण्डेय, हाफिज मेमन, रूमा चटर्जी, निर्मला चतुर्वेदी, अमोल सिंह और उपेंद्र द्विवेदी जैसे सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। कांग्रेस ने साफ संदेश दिया है कि यदि जल्द ही समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।