कबीरधाम: जिले के पंडरिया क्षेत्र में घायल बायसन (गौर) के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में चल रही खबरों को छत्तीसगढ़ वन विभाग ने भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बायसन की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और विशेषज्ञों की देखरेख में वैज्ञानिक पद्धति से उसका उपचार किया जा रहा है।
वन विभाग द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, बायसन के घाव में संक्रमण या कीड़े पड़ने की खबरें निराधार हैं। पशु चिकित्सकों की टीम ने 30 मार्च और 5 अप्रैल 2026 को मौके पर जांच की थी, जिसमें घाव साफ पाया गया है। बायसन को संक्रमण रोकने के लिए जरूरी इंजेक्शन दिए जा चुके हैं और उसके घाव में नए ऊतक बन रहे हैं, जो स्वास्थ्य में सुधार का संकेत है।
अधिकारियों ने बताया कि जोड़ों में चोट के कारण बायसन की गतिविधियां सीमित हैं। उसका नाले के पास रहना कमजोरी नहीं, बल्कि ठंडे और सुरक्षित स्थान पर रहने का प्राकृतिक व्यवहार है। वह अपनी जरूरत के अनुसार पानी पी रहा है और सीमित रूप से चल-फिर भी रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति में बायसन को दूसरे स्थान पर ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। ट्रेंकुलाइज करने या परिवहन के दौरान उसकी जान को खतरा होने की संभावना को देखते हुए मौके पर ही उपचार (इन-सीटू) करने का निर्णय लिया गया है। विभाग की टीम एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक दवाओं के जरिए उसकी लगातार निगरानी कर रही है।
वन विभाग ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों से जुड़े संवेदनशील मामलों में केवल प्रमाणित और तथ्यात्मक जानकारी ही साझा करें। विभाग ने आश्वस्त किया है कि बायसन के पूर्ण स्वस्थ होने तक उपचार जारी रहेगा। इसी मामले में विभाग द्वारा एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।