CGBSE बोर्ड परीक्षा 2026 : मिशन 100% को लेकर कलेक्टर ने कसी कमर, बिना अनुमति छुट्टी पर रहेगी रोक

CGBSE Board Exam 2026

CGBSE Board Exam 2026 : कोरिया, 03 जनवरी 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले का प्रदर्शन बेहतर करने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें फरवरी 2026 में होने वाली परीक्षाओं की रणनीति तय की गई।

CGBSE Board Exam 2026 : छमाही परिणामों के आधार पर स्कूलवार समीक्षा
बैठक में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के छमाही परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया। कलेक्टर ने प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कमजोर प्रदर्शन वाले विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने ‘मिशन 100 प्रतिशत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक विद्यालय को ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा।

कलेक्टर के कड़े निर्देश: ब्लूप्रिंट और लिखित अभ्यास पर जोर
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए:

ब्लूप्रिंट आधारित पढ़ाई: सभी छात्रों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई परीक्षा ब्लूप्रिंट के आधार पर कराई जाए।

लिखित अभ्यास: केवल पढ़ने के बजाय महत्वपूर्ण प्रश्नों का बार-बार लिखित अभ्यास कराया जाए।

कॉपियों की जांच: मेधावी छात्रों की यूनिटवार कॉपियां प्राचार्य स्वयं नियमित रूप से जांचें।

अवकाश पर प्रतिबंध: जनवरी, फरवरी और मार्च माह के दौरान कोई भी संस्था प्रमुख या व्याख्याता बिना जिला कार्यालय की अनुमति के अवकाश पर नहीं रहेगा।

आधार आईडी: सभी विद्यार्थियों का आधार आईडी संकुल स्तर पर समय सीमा में तैयार किया जाए।

भविष्य की नींव: कठिन विषयों के लिए बनेगी शिक्षकों की टीम
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को इस तरह तैयार किया जाए कि वे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी सक्षम बन सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि:

पाठ्यक्रम को समय पर पूर्ण कर पुनरावृत्ति (Revision) शुरू की जाए।

समय-समय पर सरप्राइज टेस्ट आयोजित किए जाएं।

कठिन विषयों के लिए संकुल स्तर पर विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम गठित की जाए जो बच्चों की समस्याओं का समाधान कर सके।

समन्वय से सुधरेगी शिक्षा की गुणवत्ता
बैठक में अंतर-स्कूल प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों के मनोबल को बढ़ाने पर बल दिया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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