भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्से शीतलहर की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, दतिया सहित 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 20 से अधिक जिले सुबह के समय घने और मध्यम कोहरे की चपेट में रहे। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जबकि तीन दिन बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। सुबह के समय ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायसेन, शाजापुर, देवास, सीहोर, गुना, अशोकनगर और विदिशा में कोहरा छाया रहा।
प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी शनिवार और रविवार की रात सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 20 से अधिक जिलों में कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, जिससे दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की समय-सारिणी भी प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले दो दिनों के लिए कोहरा और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आगे बढ़ने के बाद ठंड का असर और तेज होगा। इसके साथ ही तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 252 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों में साफ तौर पर देखा जा रहा है।