Chaitanya Baghel Bail : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शुक्रवार को चैतन्य बघेल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने उन्हें ईओडब्ल्यू-एसीबी (EOW-ACB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों ही मामलों में नियमित जमानत दे दी है।
Chaitanya Baghel Bail : 6 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे चैतन्य चैतन्य बघेल पिछले करीब 6 महीनों से जेल में बंद थे। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही बचाव पक्ष लगातार उन्हें जमानत दिलाने की कोशिश कर रहा था। हाई कोर्ट का यह फैसला उनके और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाई कोर्ट में हुई सुनवाई इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने इस मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में उन्होंने जांच एजेंसियों की अधिकारिता पर सवाल उठाए थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सीधे सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट में लंबी सुनवाई चली, जहाँ बचाव पक्ष और सरकारी पक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
जन्मदिन के दिन हुई थी गिरफ्तारी गौरतलब है कि ईडी ने 18 जुलाई की सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापेमारी की थी। हैरानी की बात यह रही कि उस दिन चैतन्य बघेल का जन्मदिन था और जांच एजेंसी ने उसी दिन उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया था। ईडी ने उन पर शराब घोटाले से प्राप्त अवैध धन के प्रवाह और मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय रूप से शामिल होने का आरोप लगाया था।
शराब घोटाले की जांच का दायरा छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा है। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और सिंडिकेट बनाकर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे हैं। चैतन्य बघेल की जमानत के बाद अब इस मामले की कानूनी दिशा पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।