रायपुर। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छत्तीसगढ़ के युवाओं और छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए बड़े निवेश की रूपरेखा तैयार की है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर तकनीकी कौशल और उच्च शिक्षा तक, हर मोर्चे पर विकास के लिए बजट आवंटित किया है।
इस घोषणा की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन
राज्य के मेहनती अभ्यर्थियों के लिए बजट में 33 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। यह राशि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के करियर निर्माण और कोचिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने में उपयोग की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा और अधोसंरचना का कायाकल्प
राज्य में तकनीकी शिक्षा के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं:
- आईटीआई और पॉलिटेक्निक: इन संस्थानों के आधुनिकीकरण और उन्नयन (Upgradation) के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- उच्च शिक्षा अनुदान: प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को मजबूती प्रदान करने के लिए 731 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बतौर अनुदान दी गई है।
नया बुनियादी ढांचा और उत्कृष्टता केंद्र
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित बुनियादी बदलावों की योजना बनाई है:
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: राज्य के 5 सरकारी कॉलेजों को ‘उत्कृष्टता केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
- नए कॉलेज भवन: भवन विहीन कॉलेजों की समस्या दूर करने हेतु 25 नए महाविद्यालय भवनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।