रायपुर। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाइक और शेयर का टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने के लालच में रायपुर की एक स्कूल प्राचार्य 22 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गईं। शुरुआती दौर में मुनाफा देकर ठगों ने भरोसा जीता और बाद में बड़ी रकम ऐंठ ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318-4 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के भवानी नगर, कोटा का है। सेंट पॉल्स चर्च इंग्लिश हायर सेकेंड्री स्कूल की प्रभारी प्राचार्य मनीषा कुलदीप ने पुलिस को बताया कि 20 सितंबर 2025 को उन्हें क्वालिटी टास्क लिंकेज नामक एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर आय होने की जानकारी दी जा रही थी। इसके बाद उन्हें इंस्टाग्राम और फेसबुक आईडी के जरिए लाइक और शेयर करने के निर्देश दिए गए।
कुछ दिनों तक टास्क पूरा करने पर छोटी रकम का भुगतान किया गया, जिससे उनका विश्वास बढ़ गया। पहले 150 रुपये और फिर 500 रुपये जमा करने पर मुनाफा मिला। टास्क पूरा करने के बदले उन्हें 5,03,220 रुपये मिलने की बात कही गई। निकासी के दौरान 15 हजार रुपये खाते में आने पर भरोसा और मजबूत हुआ। इसके बाद यह कहकर कि एक शून्य अधिक लगने से खाता सीज हो गया है, पूरी रकम निकालने के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। इसी तरह अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे जमा कराए जाते रहे।
प्राचार्य ने शुरुआत में करीब पांच लाख रुपये जमा किए। यह सिलसिला थमता नहीं गया और उन्होंने गोल्ड लोन, पर्सनल लोन के अलावा पति और भाई से पैसे लेकर कुल 21 लाख 91 हजार 541 रुपये जमा कर दिए। इसके बावजूद ठगों ने राशि वापस नहीं की और रजिस्ट्रेशन के नाम पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाने लगे। जब पीड़िता ने रकम लौटाने की मांग की तो ठगों ने ग्रुप में जवाब देना बंद कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने कर्नाटक बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बंधन बैंक, केनरा बैंक सहित विभिन्न खातों में रकम जमा कराई। पुलिस इन खातों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, रायपुर जिले में वर्ष 2025 के दौरान 11 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार जागरूकता अभियान के बावजूद लोग मुनाफे के लालच में आकर साइबर ठगों का शिकार हो रहे हैं।