बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई।

आज की सुनवाई में याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अगली तारीख पर अपना पक्ष रखना होगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 6 सितंबर 2025 निर्धारित की है।
गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया गया
चैतन्य बघेल ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया है। उनका दावा है कि ईडी ने गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।
ईडी ने चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई निवास से गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पहले उनकी याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था।
ईडी के आरोप और जांच के दायरे में बड़े नाम
ईडी का आरोप है कि चैतन्य को शराब घोटाले से ₹16.70 करोड़ की अवैध कमाई (POC) नकद में प्राप्त हुई, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए सफेद किया। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंकिंग प्रविष्टियों का इस्तेमाल कर धन को वैध दिखाने की कोशिश की।
ईडी का दावा है कि इस घोटाले में कुल मिलाकर ₹1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन हुआ। इस घोटाले से जुड़े कई बड़े नाम जैसे पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, और पूर्व मंत्री कवासी लखमा पहले से ईडी की गिरफ्त में हैं।
न्यायिक रिमांड और अगली सुनवाई
कोर्ट ने 23 अगस्त को चैतन्य को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा था। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में अब 6 सितंबर 2025 को अगली सुनवाई होगी, जिसमें ईडी अपना पक्ष रखेगा।