विशेषज्ञों का मानना है कि ‘आयुष्मान भारत’ योजना के दायरे को बढ़ाना और पात्रता आयु को 70 से घटाकर 60 वर्ष करना वृद्धों के ‘स्वास्थ्य के अधिकार’ की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इसी तरह, ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ में वृद्धि और ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत सब्सिडी बढ़ाना ग्रामीण आबादी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने का प्रयास है।
बजट में रोजगार सृजन और विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) को मिलने वाला प्रोत्साहन युवाओं के ‘काम के अधिकार’ को मजबूती देगा। सरकार का उद्देश्य राजकोषीय अनुशासन के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर नागरिक सम्मानजनक जीवन जी सके। टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव भी मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देकर उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का एक माध्यम बनेगा।