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(Book The knock of time)

(Book The knock of time) पुस्तकों में समाज को बदलने की शक्ति  होती है- ओ पी रावत,देखिये Video

(Book The knock of time) पुस्तक “समय की दस्तक” और “सरोकार” के विमोचन पर भारत के पूर्व निर्वाचन आयुक्त ने रखे अपने विचार

(Book The knock of time)

(Book The knock of time) उज्जैन। अच्छी पुस्तकें ज्ञान की रोशनी का नया दरवाजा खोलती है। पुस्तकें हमारी ऐसी मित्र होती है, जो हमें सच्ची राह बताती है। अच्छी पुस्तकों में समाज को और पूरे युग को बदलने की शक्ति होती है। वर्तमान में ज्ञान प्राप्त करने के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध है किंतु लंबे समय तक पढ़ने की रोचकता और आनंद प्राप्त करने के लिए पुस्तकों को पढ़ना चाहिए।

(Book The knock of time)  उक्त विचार भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त माननीय श्री ओ पी रावत ने भारतीय ज्ञानपीठ में वरिष्ठ पत्रकार  संदीप कुलश्रेष्ठ द्वारा रचित पुस्तक “समय की दस्तक” और पूर्व सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ चंदर सोनाने द्वारा रचित पुस्तक “सरोकार” के विमोचन प्रसंग पर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

(Book “The knock of time”) ओपी रावत ने कहा कि अच्छी पुस्तकों का लेखन बहुत आवश्यक है, क्योंकि पुस्तकें समाज को समृद्ध बनाती है। पुस्तकें एक माध्यम होती है जिससे हम अपने संस्कार और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं। पुस्तक “समय की दस्तक” और “सरोकार” दोनों में जनमानस के अवचेतन को जागृत करने की क्षमता है।


(Book The knock of time)  विकास सहायता केंद्र के अध्यक्ष होने के नाते  ओपी रावत ने संस्था भारतीय ज्ञानपीठ के लिए कहा कि यह संस्था एक सामाजिक सरोकार के साथ संचालित हो रही है। ऐसे में मैं यह अपेक्षा करूंगा कि उज्जैन शहर में शिप्रा संवर्धन, संरक्षण और सिंचाई की दिशा में जागरूकता का कार्य इसी संस्था से हो। संस्थान से ऐसे प्रशिक्षण की व्यवस्था हो जिसमें सिंचाई के विकास और प्रबंधन के सभी पहलुओं में किसानों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए।

(Book The knock of time) समारोह के सारस्वत अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि पुस्तकें समाज में वैचारिक क्रांति लाती है। हमारा समाज बौद्धिक रूप से संपन्न हो इसके लिए आवश्यक है कि पुस्तकों का लेखन और वाचन नियमित होते रहना चाहिए।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए सर्वोदयी  कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ ने दोनों पुस्तकों के लेखकों को उनके लेखन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। पुस्तक “समय की दस्तक” की समीक्षा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ श्रीराम दवे ने की एवं पुस्तक “सरोकार” की समीक्षा जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश के पूर्व संचालक  लाजपत आहूजा ने की।

(Book The knock of time) स्वागत उद्बोधन डॉ. चंदर सोनाने ने दिया एवं अतिथि परिचय श्री संदीप कुलश्रेष्ठ द्वारा दिया गया। अतिथि स्वागत  युधिष्ठिर कुलश्रेष्ठ,  नीरज कानूनगो,  संतोष वर्मा,  विजेता कानूनगो ने किया।

(Book The knock of time) इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विमोचित पुस्तकों के आवरण पृष्ठ डिजाइन करने वाले  अक्षय अमेरिया को सम्मानित किया गया। अतिथियों को प्रतीक चिन्ह  यश कुलश्रेष्ठ,  नितिन गरुड़, पुष्कर बाहेती,  अरुण देशपांडे, डॉ सुमित शकरगये, डॉ विनोद बैरागी, पी एस सिसोदिया ने प्रदान किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ गिरीश पंड्या ने किया तथा आभार  अमृता कुलश्रेष्ठ ने माना।

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