
खैरागढ़ के ग्राम पिपलाकछार में आयोजित पारंपरिक मंडई मेले में हुए सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) को भी अभिरक्षा में लिया है।
यहाँ घटना और पुलिस की कार्रवाई का मुख्य विवरण दिया गया है:
घटना का घटनाक्रम: मेले में उपजा विवाद
- तारीख और समय: घटना 13 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे की है।
- विवाद का कारण: पिपलाकछार के बाजार चौक में आयोजित मंडई मेले के दौरान झूले में कूदने जैसी मामूली बात पर कुछ युवकों के बीच झगड़ा शुरू हुआ।
- बीच-बचाव पड़ा महंगा: जब विवाद बढ़ा, तो 26 वर्षीय मोरध्वज पटेल ने झगड़ा शांत कराने के लिए बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी हेमचंद उर्फ हर्षू निषाद और एक नाबालिग ने उन पर धारदार हथियार (चाकू) से हमला कर दिया।
उपचार और दुखद मृत्यु
हमले के बाद मोरध्वज को तत्काल खैरागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
प्रार्थी देशबंधु पटेल की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने जांच तेज की:
- गिरफ्तारी: मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 14 जनवरी को मुख्य आरोपी हेमचंद उर्फ हर्षू निषाद (निवासी अमलीडीह खुर्द) को धर दबोचा गया।
- हथियार की बरामदगी: आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया गया है।
- नाबालिग पर कार्रवाई: मामले में शामिल नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
प्रशासन का कड़ा संदेश
इस हत्याकांड के बाद से गांव में आक्रोश और शोक की लहर है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
- आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
- सार्वजनिक मेलों और आयोजनों में अब सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की जाएगी।
- आमजन से अपील की गई है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचित करें।
निष्कर्ष: खैरागढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।