बिलासपुर: मतदाता सूची पुनरीक्षण में व्यक्तिगत उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त, परिवार के सदस्य अब कर सकेंगे प्रतिनिधित्व

बिलासपुर, 14 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान अब उन मतदाताओं को शिक्षा, इलाज, नौकरी या अन्य कारणों से राज्य से बाहर रहने या अस्पताल में भर्ती होने पर भी व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं रहेगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अनमैप्ड और लॉजिकल एरर से संबंधित मामलों में व्यक्तिगत उपस्थिति के नियमों में छूट प्रदान कर दी है।

अब ऐसे मतदाताओं की अनुपस्थिति में उनके परिवार का कोई भी सदस्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। यह सुविधा केवल राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीय नागरिकों पर भी लागू होगी। यदि कोई व्यक्ति विदेश में अध्ययन, आधिकारिक कार्य या चिकित्सा के लिए है, तो परिवार का सदस्य ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) या एईआरओ (सहायक ईआरओ) के समक्ष उपस्थित होकर मामले का निपटारा करवा सकेगा।

इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी सुनवाई में शामिल होना असंभव होता था। आयोग ने इन व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए पारिवारिक प्रतिनिधित्व की अनुमति प्रदान की है। इससे पात्र मतदाताओं का समय, धन और परेशानी बचेगी तथा कोई भी योग्य नागरिक अपने मताधिकार के पंजीकरण से वंचित नहीं रहेगा।

आयोग ने विशेष छूट सैन्य, अर्द्धसैनिक बलों तथा सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मचारियों के लिए भी दी है। सीमा पर तैनात जवानों या अन्य राज्यों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को केवल एक सुनवाई के लिए लंबी छुट्टी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके स्वजन संबंध सिद्ध करने वाले दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर मतदाता रिकॉर्ड अपडेट करवा सकेंगे।

सुनवाई के दौरान परिवार के सदस्य को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित 12 पहचान पत्रों में से कोई एक (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि) प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, उपस्थित सदस्य को मतदाता के साथ अपना रिश्ता साबित करने वाला प्रमाण भी देना होगा। इसके बाद अधिकारी व्यक्तिगत उपस्थिति की तरह ही मामले का निपटारा करेंगे।

आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

बिलासपुर जिले में पुनरीक्षण की प्रगति जिले में कुल 16.75 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से अब तक 13.09 लाख का सत्यापन पूरा हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार विलोपन श्रेणी में शामिल हैं:

  • मृतक मतदाता: 71,752
  • स्थान छोड़ चुके (शिफ्टेड) मतदाता: 1,70,019
  • लापता मतदाता: 1,04,200

इन तीन श्रेणियों के आधार पर कुल 3,65,869 नामों पर अंतिम दावा-आपत्ति की प्रक्रिया चल रही है और संबंधित नोटिस जारी किए गए हैं।

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