अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस हत्याकांड के मुख्य शूटर सुखराज सिंह की पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई है। अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, सुखराज सिंह को हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस टीम के साथ ले जाया जा रहा था। पूछताछ के दौरान उसने नहर के पास हथियार छिपाने की जानकारी दी थी। हथियार बरामद कर लौटते समय बाइक सवार दो अज्ञात नकाबपोशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने पुलिस पर छह राउंड गोलियां चलाईं।
इसी दौरान वाहन में मौजूद सुखराज सिंह ने भागने की कोशिश की। हाथापाई के बीच गोली चल गई, जिसमें एक पुलिसकर्मी और सुखराज घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सुखराज सिंह की मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला सुनियोजित था। सरपंच जरमल सिंह की हत्या प्रभ दासुवाल के कहने पर की गई थी, जिसके साथ सरपंच की पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस के अनुसार, सुखराज सिंह अपने गिरोह के लिए इतना महत्वपूर्ण था कि उसके साथियों ने उसे छुड़ाने के इरादे से पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया।
अब तक इस मामले में कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सुखराज सिंह और करमजीत सिंह मुख्य शूटर थे, जबकि अन्य आरोपियों ने रेकी और लॉजिस्टिक्स में मदद की थी। पुलिस ने बताया कि शादी समारोह के दौरान अंदर से रेकी करने वाले एक अन्य आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, सुखराज सिंह के खिलाफ पहले से चार संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। बाइक सवार हमलावरों की तलाश में इलाके में नाकाबंदी कर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।