मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी सौगात: गरियाबंद के 58 श्रमिक परिवारों को मिली ₹26.80 लाख की सहायता, DBT से सीधे खाते में पहुंचे पैसे

गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में गरियाबंद के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग द्वारा जिले के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी सौगात दी गई। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 11 अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के तहत गरियाबंद जिले के 58 हितग्राहियों के बैंक खातों में कुल 26 लाख 80 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से अंतरित की गई।

इस राज्य स्तरीय पहल के तहत गरियाबंद के साथ-साथ प्रदेश के 21 जिलों के कुल 1 हजार 792 निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 2 करोड़ 25 लाख 18 हजार 389 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।

श्रम विभाग की जिन प्रमुख योजनाओं से श्रमिकों को लाभान्वित किया गया, उनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना और ई-रिक्शा सहायता योजना शामिल हैं।

आयुष्मान कार्ड, चाक वितरण और आपदा सहायता भी मिली कार्यक्रम में केवल श्रम विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ भी हितग्राहियों को मिला। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, साथ ही गंभीर बीमारियों से ठीक हुए 2 मरीजों को शुभकामना संदेश दिए गए। माटीकला बोर्ड के माध्यम से 6 कुम्हारों को आधुनिक चाक बांटे गए। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा के कारण जान गंवाने वाले 5 मृतकों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता राशि सौंपी गई।

मिनीमाता महतारी जतन योजना: कविता ध्रुव को मिले ₹20 हजार राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ के तहत गरियाबंद की कविता ध्रुव को 20 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। सहायता राशि मिलने पर खुशी जताते हुए कविता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चे के पालन-पोषण और जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में करेंगी।

बता दें कि इस योजना का लाभ श्रम विभाग में पंजीकृत महिला श्रमिक या पंजीकृत श्रमिक की पत्नी को मिलता है। इसके लिए बच्चे के जन्म के बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ श्रम कार्यालय, जनपद या श्रम सुविधा केंद्र में आवेदन करना होता है, जिसके बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *