ईरान को बड़ा झटका: अमेरिका-इजरायल के हमले में आईआरजीसी खुफिया प्रमुख मजीद खादमी की मौत

तेहरान। मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान को एक बड़ा रणनीतिक झटका लगा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी की सोमवार सुबह अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मौत हो गई। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि की है, वहीं इजरायली रक्षा मंत्री ने भी इस सफल अभियान को लेकर बयान जारी किया है।

आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी 6 अप्रैल की सुबह एक दुश्मन हमले में शहीद हो गए। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजरायली सेना ने ईरान के शीर्ष खुफिया अधिकारी को मार गिराया है। मजीद खादमी को पिछले साल जून में इस पद पर नियुक्त किया गया था और उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व का बेहद भरोसेमंद माना जाता था। खादमी इससे पहले रक्षा मंत्रालय में खुफिया सुरक्षा संगठन के प्रमुख के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे।

एक तरफ जहां सैन्य टकराव चरम पर है, वहीं दूसरी ओर शांति समझौते की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के बीच एक युद्धविराम प्रस्ताव तैयार कर संबंधित वार्ताकारों तक भेजा गया है। यदि इस पर सहमति बनती है, तो अगले 15 से 20 दिनों के भीतर क्षेत्र में युद्ध विराम प्रभावी हो सकता है। इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और मध्य पूर्व में हमलों को रोकने जैसी महत्वपूर्ण शर्तें शामिल की गई हैं।

सीजफायर के इस प्रस्ताव पर ईरान ने भी अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया दी है। तेहरान की ओर से बताया गया कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का प्रस्ताव पेश किया गया है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अस्थायी सीजफायर की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शीर्ष सैन्य कमांडर की मौत के बाद ईरान का अगला कदम क्या होगा और शांति वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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