रमेश गुप्ता भिलाई। दुर्ग पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दवा कंपनी के प्रतिनिधि की आड़ में प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख रुपये का मशरूका जप्त किया है।
फर्जी लाइसेंस के सहारे चलता था पूरा नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 23 अप्रैल को चौकी स्मृतिनगर क्षेत्र के जुनवानी-खम्हरिया रोड पर संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने त्वरित घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार (CG-07/8595) को रोका।
तलाशी के दौरान वाहन से 7 कार्टून में भरी 800 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त CADIFOS-T सिरप बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस बनाकर गुजरात की कंपनी से ई-कुरियर के जरिए सिरप मंगवाते थे और स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में बेचते थे।

मास्टरमाइंड ने असली लाइसेंस में की थी हेराफेरी
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार किया था। इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार के जरिए आरोपी युवाओं में नशे की लत फैलाकर भारी मुनाफा कमा रहे थे।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
योगेश शर्मा (41 वर्ष), कादम्बरी नगर, दुर्ग,उमेश कुमार यादव (42 वर्ष), पदुमनगर, चरोदा,महावीर जैन उर्फ रोहित (38 वर्ष), पोलसाय पारा, दुर्ग,सतीश मेश्राम (40 वर्ष), शंकर नगर, दुर्ग निवासी बताया जाता है l
विजय अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
800 नग नशीली सिरप (कीमत 2,08,800 रुपए)
एक एक्टिवा (30,000रुपए)
एक सेण्ट्रो कार (1,00,000 रुपए)
4 मोबाइल फोन (1,60,000 रुपए)
नगद 1,200 रुपए जप्त कर कुल लगभग 5 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है।
NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में भेजा गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में चौकी स्मृतिनगर एवं एसीसीयू टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की अहम भूमिका रही। सूचना संकलन से लेकर घेराबंदी और गिरफ्तारी तक पूरी कार्रवाई बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।
उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई न केवल एक संगठित नशा तस्करी गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने में सफल रही, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाली खतरनाक सप्लाई चेन पर भी करारा प्रहार है। दुर्ग पुलिस का यह अभियान नशे के खिलाफ सख्त संदेश देता है कि ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।