राजस्थान के नागौर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने ऑपरेशन संकल्प के तहत कार्रवाई करते हुए एक नशा तस्कर की अवैध कमाई से बनी करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति को कुर्क कर दिया है। आरोपी ने पुलिस और कानून की नजरों से बचने के लिए इस मकान को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड करवा रखा था।
दरअसल, सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानवा गांव का निवासी बहादुर सिंह उर्फ समीर लंबे समय से स्मैक की तस्करी के धंधे में शामिल था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने नशे के अवैध कारोबार से मोटी रकम कमाई और नागौर के शारदापुरम इलाके में एक आलीशान मकान खड़ा कर लिया। जब पुलिस ने संपत्ति के कागजात खंगाले, तो पता चला कि गिरफ्तारी और जब्ती से बचने के लिए उसने यह प्रॉपर्टी अपनी पार्टनर के नाम कर रखी थी।
गौरतलब है कि आरोपी बहादुर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले ही दो मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक मामला बीकानेर के पांचू थाने से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी की काली कमाई के पुख्ता सबूत जुटाकर दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकरण के पास भेजे थे। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सुरपालिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मकान को सीज करने की कार्रवाई पूरी की।
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी ने बताया कि जांच में यह साफ हो गया था कि मकान बनाने में इस्तेमाल किया गया पैसा नशे की तस्करी से ही कमाया गया था। पुलिस ने जब मकान पर जब्ती का नोटिस चस्पा किया, तो आरोपी ने उसे हटाने की कोशिश भी की, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया है।
नागौर एसपी रोशन मीणा ने बताया कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पिछले 15 दिनों के भीतर अब तक चार संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं और कुल पांच मकानों पर कार्रवाई हुई है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों द्वारा अवैध तरीके से बनाई गई संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।