घर में सूर्योदय की तस्वीर लगाने से पहले जान लें वास्तु के ये जरूरी नियम, वरना उल्टा पड़ सकता है असर

घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा (पॉजिटिविटी) और सुख-समृद्धि लाने के लिए लोग अक्सर दीवारों पर उगते हुए सूरज (Sunrise) की पेंटिंग या तस्वीर लगाते हैं। शास्त्रों में सूर्य देव को सफलता, मान-सम्मान, अच्छी सेहत और तेज का प्रतीक माना गया है। लेकिन वास्तु शास्त्र कहता है कि इस तस्वीर का पूरा चमत्कारी लाभ आपको तभी मिलेगा, जब इसे सही दिशा और सही नियमों के साथ लगाया जाए। गलत जगह लगाई गई तस्वीर फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकती है।

जानिए क्यों बेहद शुभ है उगते सूरज की तस्वीर?
वास्तु विज्ञान के अनुसार, उगता हुआ सूर्य जीवन में एक नई शुरुआत, अटूट आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार करता है। जिस तरह सूरज की पहली किरण दुनिया से अंधकार मिटा देती है, ठीक उसी तरह सूर्योदय की तस्वीर घर के माहौल से निराशा और सुस्ती को दूर करती है। इसे देखने से परिवार के सदस्यों में पूरे दिन उत्साह और ऊर्जा बनी रहती है।

सही दिशा का चुनाव: कहाँ लगाएं और कहाँ नहीं?
पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा है सर्वोत्तम
चूंकि सूर्य देव पूर्व दिशा से उदित होते हैं, इसलिए वास्तु में इस तस्वीर को लगाने के लिए पूर्व दिशा (East) को सबसे उत्तम और प्रभावशाली माना गया है। अगर किसी वजह से पूर्व दिशा की दीवार खाली न हो, तो आप इसे उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में भी लगा सकते हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि का प्रवाह बढ़ता है।

इन कमरों में लगाना रहेगा बेस्ट
ड्राइंग रूम (बैठक): घर के मुख्य लिविंग एरिया या ड्राइंग रूम में यह तस्वीर लगाना सबसे अच्छा होता है। इससे घर में आने वाले मेहमानों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

स्टडी रूम (अध्ययन कक्ष): बच्चों या काम करने वाले लोगों के स्टडी रूम में इसे लगाने से एकाग्रता (Focus) बढ़ती है और करियर में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

भूलकर भी यहाँ न लगाएं सूर्योदय की तस्वीर
बेडरूम: बेडरूम आराम, सुकून और शांति की जगह है, जबकि उगता सूरज तीव्र ऊर्जा और सक्रियता का प्रतीक है। इसलिए बेडरूम में इसे लगाने से नींद में खलल या मानसिक अशांति हो सकती है।

अन्य निषेध स्थान: इसके अलावा रसोई घर (किचन), बाथरूम या स्टोर रूम में भी सूर्योदय की तस्वीर कभी नहीं लगानी चाहिए।

कैसी होनी चाहिए सूर्योदय की तस्वीर?
तस्वीर चुनते समय ध्यान रखें कि उसमें सूर्य की किरणें साफ, चमकदार और हल्की सुनहरी दिख रही हों। अगर तस्वीर में सूरज के साथ खुला आसमान, हरी-भरी प्रकृति, या शांत बहती हुई नदी का नजारा हो, तो यह और भी ज्यादा शुभ फल देती है। बहुत ज्यादा गहरे, डरावने या धुंधले रंगों वाली पेंटिंग लगाने से बचें।

डूबते हुए सूरज की तस्वीर से क्यों बनाएं दूरी?
वास्तु शास्त्र में डूबते हुए सूरज (Sunset) की तस्वीर या पेंटिंग लगाना पूरी तरह वर्जित माना गया है। डूबता हुआ सूरज ऊर्जा की कमी, अवसरों के खत्म होने और जीवन में ठहराव या उदासी को दर्शाता है। इसलिए घर में हमेशा केवल उगते हुए सूर्य को ही प्राथमिकता दें।

इन छोटी मगर महत्वपूर्ण बातों का रखें खास ख्याल
साफ-सफाई: तस्वीर पर कभी भी धूल या जाले न जमने दें। समय-समय पर इसे साफ करते रहें।

टूटी फ्रेम न रखें: अगर तस्वीर कहीं से फट जाए या उसका शीशा/फ्रेम टूट जाए, तो उसे तुरंत हटा दें। टूटी हुई तस्वीर घर में नकारात्मकता लाती है।

सही ऊंचाई: पेंटिंग को दीवार पर इतनी ऊंचाई पर टांगें जहाँ से वह घर के सदस्यों को आसानी से दिखाई दे। इसके ठीक आगे कोई भारी या फालतू सामान लाकर न रखें।

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