बलरामपुर। छत्तीसगढ़ की सामरीपाठ थाना पुलिस ने 13 साल से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी नक्सली को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी का नाम मुन्ना कोरवा है, जो साल 2012 से पुलिस को चकमा देकर झारखंड के जंगलों और रिहायशी इलाकों में छिपा हुआ था। उस पर बंधक बनाकर मारपीट करने और हत्या की नीयत से गोली चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
मामले की जानकारी के अनुसार, साल 2012 में नक्सली दस्ते के सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर ग्राम पुन्दाग में लातेहार निवासी लखू यादव को बंधक बनाया गया था। नक्सलियों ने उसके साथ जमकर मारपीट की थी और जान से मारने की नीयत से उस पर फायरिंग भी की थी, हालांकि लखू यादव किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला था। इस घटना के बाद सामरीपाठ थाने में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अपहरण समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
घटना के बाद से ही मुन्ना कोरवा फरार चल रहा था और न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया था। हाल ही में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वारंटी मुन्ना कोरवा झारखंड के भण्डरिया थाना क्षेत्र के तेहड़ी गांव में नाम बदलकर छिपा हुआ है। सूचना की तस्दीक होने पर बलरामपुर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और झारखंड में दबिश देकर उसे धर दबोचा।
पुलिस टीम आरोपी को गिरफ्तार कर सामरीपाठ लेकर आई, जहां से उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सली गतिविधियों में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेजी से की जा रही है और सुरक्षा बल लगातार सीमावर्ती इलाकों में निगरानी रखे हुए हैं।